मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा में NCP विधायक सना मलिक के एक बयान को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। ट्रिपल तलाक कानून पर चर्चा के दौरान सना मलिक की टिप्पणी के बाद बीजेपी नेताओं ने उन पर निशाना साधा है।
दरअसल, बीजेपी विधायक देवयानी फरांडे ने विधानसभा में केंद्र सरकार के ट्रिपल तलाक कानून को महाराष्ट्र में लागू करने को लेकर ध्यान आकर्षण प्रस्ताव पेश किया था। इसी मुद्दे पर बोलते हुए NCP (अजित पवार गुट) की विधायक सना मलिक ने मुस्लिम पर्सनल लॉ और कुरान के कानूनों का हवाला दिया।
सना मलिक ने कहा कि तलाक के अलग-अलग तरीके होते हैं और ट्रिपल तलाक को लेकर बनाया गया कानून ऐसी व्यवस्था पर आधारित है, जो व्यवहार में पहले से व्यापक रूप से लागू नहीं थी। उनके बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई।
बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि विधायक का बयान संविधान और देश के कानूनों के खिलाफ है। बीजेपी नेता नितेश राणे ने कहा कि केंद्र सरकार ट्रिपल तलाक पर कानून बना चुकी है, लेकिन कुछ लोग अब भी धार्मिक कानूनों के आधार पर बात कर रहे हैं।
वहीं शिवसेना नेता शायना एनसी ने भी सना मलिक के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ट्रिपल तलाक खत्म कर मुस्लिम महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा देने का काम किया गया है।
इस पूरे विवाद के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है और विपक्षी दलों ने सना मलिक के बयान को लेकर सवाल उठाए हैं।