अरुणाचल में कुदरत का कहर: बाढ़-लैंडस्लाइड से मची तबाही, 50+ घर बहे; कई लोग लापता

ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। राज्य के कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण हालात बेहद खराब हो गए हैं। केयी पानयोर जिले में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, जहां 50 से अधिक घर बह गए हैं, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं।

प्राकृतिक आपदा में एक महिला की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं कई लोगों के मलबे और तेज बहाव में बहने की आशंका है। प्रशासन और बचाव दल लगातार राहत एवं खोज अभियान में जुटे हुए हैं।

भारी बारिश के कारण सड़कों पर भी बड़ा असर पड़ा है। राष्ट्रीय राजमार्ग-13 और राष्ट्रीय राजमार्ग-713ए कई जगहों पर भूस्खलन और बाढ़ के कारण बंद हो गए हैं। कई जिलों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है।

पुलिस के मुताबिक, वीकेवी स्कूल में शिक्षिका नीरमला गुप्ता (35) का शव बचाव अभियान के दौरान मिला। वहीं पांच लोगों के बहने की सूचना मिली थी, जिनमें एलेश मराक (13), बालारी मराक (30), ताओ अंजिना (46) और सौरव कुमार समेत कई लोग लापता हैं।

कई जिले सड़क संपर्क से कटे

लगातार बारिश और लैंडस्लाइड से केयी पानयोर, क्रा दादी, कुरुंग कुमे, लोअर सुबनसिरी, कामले और अपर सुबनसिरी जिले प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में सड़कें टूट गई हैं और लोगों की आवाजाही बंद हो गई है।

बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) की टीमें सड़कों को बहाल करने में जुटी हैं। वहीं भारतीय सेना और वायुसेना की मदद से राहत अभियान चलाया जा रहा है।

सेना और वायुसेना ने संभाला मोर्चा

भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने SDRF जवानों और राहत सामग्री को प्रभावित इलाकों में पहुंचाया है। खराब मौसम के बावजूद बचाव कार्य जारी है।

मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने स्थिति पर नजर बनाए रखने और अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में रहने की बात कही है। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने भी लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

फिलहाल प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है और प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने का काम तेजी से जारी है।

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