नारायणपुर। हिंसा की राह छोड़कर जब कोई व्यक्ति मुख्यधारा में लौटता है, तो न सिर्फ उसका जीवन बदलता है बल्कि समाज को भी नई दिशा मिलती है। ऐसी ही प्रेरक कहानी है नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कोहकामेटा निवासी कमलू राम नुरेटी की, जिन्होंने वर्ष 2013 में नक्सल संगठन से आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा को अपनाया।
आत्मसमर्पण के बाद कमलू राम ने अपने जीवन को सकारात्मक दिशा दी और अन्य युवाओं को भी हिंसा का मार्ग छोड़ने के लिए प्रेरित किया। उनके इस बदलाव और सामाजिक योगदान को देखते हुए राज्य शासन की पुनर्वास योजनाओं का लाभ उन्हें दिया गया।
पुनर्वास के तहत उन्हें प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत 1.20 लाख की लागत से पक्का आवास स्वीकृत हुआ। साथ ही निर्माण कार्य के दौरान मनरेगा के माध्यम से 23,490 की मजदूरी भी प्रदान की गई। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय और सौभाग्य योजना के अंतर्गत बिजली कनेक्शन भी उपलब्ध कराया गया।
कमलू राम नुरेटी ने कहा कि पहले वे किराए के मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे थे, लेकिन अब पक्का घर, बिजली और शौचालय मिलने से उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है और परिवार को सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन मिला है।
जिला प्रशासन के अनुसार, आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए चल रही योजनाएं क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं और यह पहल शांति एवं विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।