गरियाबंद | फिंगेश्वर ब्लॉक के ग्राम कौंदकेरा से शुरू हुआ ‘जल प्रतिज्ञा’ अभियान अब राष्ट्रीय पहचान पा चुका है। महज 8 स्कूली बच्चों की पहल से शुरू हुए इस अभियान ने आज 5 से अधिक जिलों में जन आंदोलन का रूप ले लिया है।
कौंदकेरा हायर सेकेंडरी स्कूल की व्याख्याता मीनाक्षी शर्मा ने इस मुहिम की शुरुआत की और स्थानीय छात्रों के साथ पानी की बर्बादी रोकने के छोटे-छोटे उपाय अपनाने की दिशा में जागरूकता फैलाना शुरू किया। 30 अप्रैल को जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर भगवान सिंह उईके सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में 800 लोगों को जल प्रतिज्ञा दिलाई गई।
केंद्र सरकार के जल अर्पण कार्यक्रम के केंद्रीय निदेशक कमल किशोर सोन शनिवार को कौंदकेरा पहुंचे और अभियान को राष्ट्रीय पहचान दी। जिला प्रशासन की मौजूदगी में बेल टुकरी ग्राम में विशेष आयोजन कर सभी लोगों को जल प्रतिज्ञा दिलाई गई।
अभियान में योगदान देने वाले मीनाक्षी शर्मा, सतीश मालवीय ,डामिनशाव समेत 10 लोगों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। जिला प्रशासन ने अभियान को और व्यापक बनाने और जुड़े लोगों को प्रोत्साहित करने की सलाह भी दी।
कौंदकेरा से शुरू हुआ यह अभियान आसपास के गांवों जैसे **बेलटुकरी, रोहिना, भैंसातरा, सेमराडीह, टेका, भेडरी, कोपरा** में भी फैल चुका है। सोशल मीडिया प्रचार के माध्यम से यह मुहिम अब महासमुंद, आरंग, अभनपुर, सरगुजा, बीजापुर जैसे जिलों तक पहुंच चुकी है।
मीनाक्षी शर्मा का कहना है कि जल संकट से निपटने के लिए अभी से जल का विवेकपूर्ण उपयोग और बर्बादी रोकने की आदत डालना आवश्यक है। अभियान के तहत एक व्यक्ति रोजाना 10-12 लीटर पानी बचा सकता है, जिससे भविष्य में जल संकट की स्थिति से निपटना आसान होगा।