नई दिल्ली | दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल , वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया , राज्यसभा सांसद संजय सिंह और मंत्री सौरभ भारद्वाज समेत छह नेताओं के खिलाफ आपराधिक अवमानना मामले में सुनवाई की। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत ने सभी नेताओं को नोटिस जारी करते हुए 4 सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
अदालत ने कहा कि यह मामला न्यायपालिका की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने से जुड़ा है। मामले की सुनवाई में स्पष्ट किया गया कि अवमानना कार्यवाही स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ेगी और सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा। जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की बेंच ने इस मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त 2026 के लिए निर्धारित की है।
अदालत ने सोशल मीडिया पोस्ट, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और प्रकाशित सामग्री को आधार मानते हुए रजिस्ट्री को निर्देश दिए कि सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाएं और अदालत में पेश किए जाएं। विशेष रूप से संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और विनय मिश्रा के बयानों को गंभीर माना गया।
इससे पहले, अप्रैल में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और पूर्व विधायक दुर्गेश पाठक ने कथित तौर पर अदालत में वकील नियुक्त न करने का निर्णय लिया और इसे ‘सत्याग्रह’ बताया। अदालत ने उनके इस कदम को खारिज करते हुए कहा कि सभी पक्षों को कानूनी रूप से उचित प्रतिनिधित्व का अधिकार है और न्यायपालिका की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जस्टिस शर्मा द्वारा 14 मई को आदेशित अवमानना कार्यवाही कानून के दायरे में स्वतः संज्ञान लेकर शुरू की गई थी। अदालत ने कहा कि इस मामले में न्यायालय की सहायता के लिए एक एमिकस क्यूरी (Amicus Curiae) भी नियुक्त किया जाएगा।