दिल्ली में बड़े बदलाव की तैयारी, सुरक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन परियोजनाओं को मिली जमीन

नई दिल्ली  |  दिल्ली में लंबित विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने कई जनहित से जुड़ी योजनाओं के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर दी है। उपराज्यपाल सरदार टी.एस. संधू की नियमित समीक्षा और निर्देशों के बाद लंबे समय से लंबित फाइलों का निपटारा किया गया, जिससे राजधानी में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का रास्ता साफ हुआ है।

अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण भूमि आवंटन से जुड़ी कई योजनाएं अटकी हुई थीं। समीक्षा के बाद प्रक्रियाओं को व्यवस्थित किया गया और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक जमीन उपलब्ध कराई गई।

स्वास्थ्य और जनसुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को मिली जमीन

DDA ने द्वारका सेक्टर-19 और मंगलापुरी में सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों के लिए सामुदायिक भवन उपलब्ध कराए हैं। वहीं, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थापना हेतु 112 अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी किए गए हैं।

इसके अलावा जरूरतमंद लोगों को सस्ती दरों पर भोजन उपलब्ध कराने की योजना के तहत अटल कैंटीनों के लिए भी 5 एनओसी जारी की गई हैं।

ई-वेस्ट पार्क और कचरा प्रबंधन परियोजनाओं को बढ़ावा

पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए होलंबी कलां में ई-वेस्ट इको मैनेजमेंट पार्क के लिए 8.5 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। इस परियोजना से इलेक्ट्रॉनिक कचरे के वैज्ञानिक निपटारे में मदद मिलेगी।

वहीं, गाजीपुर में वेस्ट-टू-एनर्जी और बायो-मीथनेशन परियोजनाओं के विस्तार के लिए नगर निगम (MCD) को 10 एकड़ जमीन दी गई है। इसके अतिरिक्त विस्तार कार्यों के लिए 10.4 एकड़ अतिरिक्त भूमि भी उपलब्ध कराई गई है।

पुलिस, न्याय और सुरक्षा परियोजनाओं को भी मिली जमीन

राजधानी में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिलकुशा बाग, सागरपुर, सूरजपुर और किशनगढ़ में नए पुलिस थानों के निर्माण के लिए जमीन आवंटित की गई है।

इसके अलावा नरेला में फॉरेंसिक साइंस लैब, धीरपुर और ताहिरपुर में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) कार्यालयों के निर्माण के लिए भी भूमि उपलब्ध कराई गई है। न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रोहिणी और शाहदरा में न्यायपालिका कर्मचारियों के आवास निर्माण हेतु जमीन दी गई है।

मेट्रो और जल परियोजनाओं को भी मिलेगी गति

राजधानी के परिवहन ढांचे को मजबूत करने के लिए सनोठ में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के मेट्रो डिपो के लिए 20 हेक्टेयर भूमि और नरेला में मेट्रो परियोजनाओं के कास्टिंग यार्ड के लिए 16 हेक्टेयर जमीन आवंटित की गई है।

इसके अलावा MCD को 24 फिक्स्ड कंपैक्टर ट्रांसफर स्टेशन के लिए भूमि दी गई है। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) को जल और सीवरेज परियोजनाओं के लिए भी जमीन उपलब्ध कराई गई है, जिसके तहत आठ स्थानों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और सीवेज पंपिंग स्टेशन विकसित किए जाएंगे। साथ ही, जल आपूर्ति सुधार के लिए 151 नए बोरवेल को मंजूरी दी गई है।

अधिकारियों का कहना है कि भूमि आवंटन की प्रक्रिया तेज होने से दिल्ली में बुनियादी सुविधाओं और जनहित से जुड़ी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *