नई दिल्ली | दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 20 जुलाई को संसद मार्च निकालने का ऐलान किया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे संसद के मानसून सत्र के पहले दिन होने वाले इस शांतिपूर्ण मार्च में शामिल हों।
वांगचुक ने सोशल मीडिया के जरिए संदेश जारी कर कहा कि यह मार्च लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाएगा। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचकर आंदोलन में भाग लेने की अपील की।
अनशन जारी, स्वास्थ्य को लेकर चिंता
जानकारी के अनुसार, जंतर-मंतर पर चल रहा अनशन लगातार जारी है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का अनशन 19वें दिन में पहुंच गया है, जबकि सोनम वांगचुक का अनशन 11वें दिन में प्रवेश कर चुका है।
आंदोलन से जुड़े लोगों के अनुसार, लंबे समय से अनशन के कारण वांगचुक का वजन करीब 7 किलोग्राम तक कम हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है।
छात्र की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती
अनशन के दौरान एक छात्र की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जानकारी के मुताबिक, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के छात्र ऋषिकेश पिछले 11 दिनों से अनशन पर थे। बुधवार को उन्हें सीने में दर्द और अत्यधिक कमजोरी की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
20 जुलाई को संसद मार्च की तैयारी
वांगचुक ने कहा कि 20 जुलाई का मार्च छात्रों से जुड़े मुद्दों और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं समेत अन्य मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से निकाला जाएगा।
उन्होंने प्रतिभागियों से अपील की है कि मार्च के दौरान शांति और अनुशासन बनाए रखें। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
फिलहाल जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था और आंदोलन की गतिविधियों पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।