प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ हुए छात्र प्रदर्शन के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। प्रशासन ने शहर के तीन कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया है, जिसके बाद कोचिंग संचालकों ने कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं।
जानकारी के अनुसार, 29–30 मई को छात्रों ने पेपर लीक और करप्शन के खिलाफ कैंडल मार्च निकाला था, जिसमें कुछ कोचिंग संस्थानों के संचालक भी शामिल हुए थे। इसके बाद प्रशासन ने प्रयागराज में टारगेट ऑन, सुपर क्लाइमैक्स एकेडमी और एग्जामपुर नाम के तीन कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई की और उन्हें सील कर दिया।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि इन कोचिंग सेंटरों को अनाधिकृत निर्माण के चलते सील किया गया है। वहीं कोचिंग संचालकों का आरोप है कि उनके संस्थानों के पास सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं और यह कार्रवाई उनके विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के कारण की गई है।
कोचिंग संचालकों ने दावा किया कि वे छात्रों की मांगों के समर्थन में कैंडल मार्च में शामिल हुए थे, लेकिन उसके बाद ही उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। उनका कहना है कि इससे हजारों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, खासकर परीक्षा के नजदीक समय में।
इस कार्रवाई के बाद कोचिंग सेंटरों के बाहर नोटिस भी चस्पा किया गया है, जिसमें बिना अनुमति निर्माण और नियमों के उल्लंघन की बात कही गई है। हालांकि, संचालकों का कहना है कि वे कक्षाएं ऑनलाइन जारी रख रहे हैं।
फिलहाल यह मामला प्रशासनिक कार्रवाई और छात्रों के विरोध प्रदर्शन से जुड़ी बहस का केंद्र बन गया है।