नई दिल्ली। देश की सबसे महत्वाकांक्षी हाई-स्पीड रेल परियोजना मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस प्रोजेक्ट का करीब 60 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और कई हिस्सों में काम अंतिम चरण में पहुंच गया है।
508 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा समय को 6–7 घंटे से घटाकर लगभग 2 घंटे करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना की शुरुआत 2017 में हुई थी, लेकिन भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरी और महामारी के कारण इसमें देरी हुई।
जानकारी के मुताबिक, गुजरात सेक्शन में सिविल वर्क लगभग पूरा हो चुका है, जबकि महाराष्ट्र हिस्से में भी अब तेजी से निर्माण कार्य आगे बढ़ रहा है। मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में अंडरग्राउंड स्टेशन और ठाणे क्षेत्र में देश की पहली अंडरवाटर टनल पर काम जारी है।
इस बीच, परियोजना से जुड़े स्वदेशी निर्माण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। बेंगलुरु स्थित BEML लिमिटेड में भारत की पहली स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन ‘B28 सीरीज’ का प्रोटोटाइप तैयार किया जा रहा है, जिसके 2026–27 तक तैयार होने की संभावना है।
शुरुआती चरण में जापान की शिंकानसेन E5 तकनीक वाली ट्रेनें इस्तेमाल की जाएंगी, जो अपनी सुरक्षा और हाई-स्पीड क्षमता के लिए जानी जाती हैं।
रेल मंत्रालय और नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के अनुसार, गुजरात में सूरत–बिलिमोरा सेक्शन पर सबसे पहले ट्रायल रन शुरू किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट सिर्फ परिवहन नहीं बल्कि आर्थिक और औद्योगिक विकास का बड़ा इंजन साबित होगा, जिससे छोटे शहरों में रोजगार और कनेक्टिविटी दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
फिलहाल, परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है और देश की पहली बुलेट ट्रेन के ट्रायल को लेकर उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं।