रायपुर, 15 मई 2026: रायपुर में सट्टा सिंडिकेट से जुड़ी तस्वीरों को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है। इस मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल, वित्त मंत्री ओपी चौधरी और पूर्व डीसीएम टी.एस सिंहदेव के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बयानबाजी देखने को मिली।
घटना की शुरुआत
मामला तब शुरू हुआ जब भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर एक कथित सट्टा सरगना की तस्वीर ओपी चौधरी के साथ साझा की। भूपेश ने पोस्ट में लिखा कि RSS का सट्टा स्वयंसेवक करण चौधरी वित्त मंत्री के बेहद करीबी हैं और उनके साथ खाते-खिलाते और छत्तीसगढ़ संवारते नजर आ रहे हैं।
ओपी चौधरी का पलटवार
इसके जवाब में ओपी चौधरी ने टीएस सिंहदेव के साथ आरोपी की तस्वीर साझा करते हुए पलटवार किया। उन्होंने लिखा कि “भूपेश जी, टीएस बाबा वाली फोटो में तो आरोपी उनके बेडरूम तक दिख रहा है।”
टीएस सिंहदेव की प्रतिक्रिया
इस पर टीएस सिंहदेव ने भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि “बिना किसी कारण केवल राजनीतिक जवाब देने के लिए मेरा नाम घसीटना दुर्भाग्यपूर्ण और पूरी तरह अनावश्यक है।”
ओपी चौधरी ने बाद में कहा कि टीएस सिंहदेव एक अच्छे व्यक्ति हैं, लेकिन गलत संगत में पड़ गए। उन्होंने पुराने राजनीतिक समीकरणों का जिक्र करते हुए कहा कि कभी भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव की जोड़ी “जय-वीरू” के नाम से जानी जाती थी। उन्होंने कहा कि अगर वीरू किसी पर बाल्टी भर कीचड़ उछालेगा, तो संभावना है कि जय पर भी छींटें पड़ जाएं।
सोशल मीडिया पर हलचल
यह मुद्दा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और भाजपा-कांग्रेस समर्थकों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस घटना ने राजनीतिक बयानबाजी और सोशल मीडिया पॉलिटिक्स को फिर से सक्रिय कर दिया है और आगामी समय में इसका राजनीतिक असर देखने को मिल सकता है।