छत्तीसगढ़ | मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच सड़क परिवहन को नई रफ्तार मिलेगी। इस दिशा में जबलपुर–मंडला–चिल्पी NH-30 फोरलेन परियोजना की DPR (डिज़ाइन पद्धति रिपोर्ट) तैयार की जा रही है। परियोजना के पूरी होने से सुरक्षित यात्रा, बेहतर कनेक्टिविटी, उन्नत यातायात व्यवस्था, वन्यजीव संरक्षण और क्षेत्रीय विकास को नया आयाम मिलेगा।
परियोजना का महत्व
यह परियोजना प्रयागराज–जबलपुर–रायपुर कॉरिडोर का अहम हिस्सा है। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के जबलपुर से चिल्पी (MP–CG सीमा) तक लगभग 160 किलोमीटर के मार्ग को 2-लेन से आधुनिक 4-लेन कॉरिडोर में विकसित किया जाएगा।
सड़क सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण
प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृत लाल साहू ने बताया कि परियोजना का मुख्य फोकस सड़क सुरक्षा पर है। नाग घाट, भवाल घाट और चिल्पी घाट के खतरनाक मोड़ों को सुधारा जाएगा और ब्लैकस्पॉट्स खत्म किए जाएंगे। यह मार्ग कान्हा टाइगर रिजर्व से होकर गुजरता है। इसलिए वन्यजीवों के लिए एनिमल अंडरपास और वाइल्डलाइफ क्रॉसिंग बनाए जाएंगे।
पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा
फोरलेन बनने से भेड़ाघाट, धुआंधार और कान्हा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। बीजाडांडी–बिछिया में बायपास और फ्लाईओवर का निर्माण भी किया जाएगा। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि व्यापार और माल परिवहन को भी नई रफ्तार मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट मध्यभारत की नई लाइफलाइन बनकर क्षेत्रीय विकास और आर्थिक गतिविधियों में बड़ा योगदान देगा।