कोलकाता/दुर्गापुर। पश्चिम बंगाल में सियासी माहौल उस समय गर्म हो गया जब भाजपा विधायक प्रियंका टिबरेवाल के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निष्कासित नेता एवं एंटाली विधायक संदीपान साहा के आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने संदीपान साहा और उनके पिता, पूर्व विधायक स्वर्णकमल साहा पर भ्रष्टाचार, जनता के पैसे की लूट और गरीब किसानों की जमीन हड़पने के गंभीर आरोप लगाए।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में जुटे लोगों ने “चोर-चोर” के नारे लगाए और दोनों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि किसानों और स्थानीय लोगों की जमीन बहला-फुसलाकर, दबाव बनाकर और धमकियों के जरिए कब्जाई गई।
भाजपा विधायक प्रियंका टिबरेवाल ने कहा कि साहा परिवार ने जमीन के बदले प्रति वर्ग फुट 50 हजार रुपये देने का वादा किया था, लेकिन आज तक लोगों को उनका पैसा नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों की जमीन जबरन हथियाई गई और प्रभावित परिवार न्याय की मांग कर रहे हैं।
वहीं, संदीपान साहा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका इन मामलों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि वे किसी भी भ्रष्टाचार में शामिल नहीं हैं।
प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने संदीपान साहा की तस्वीर को गधे के चेहरे के साथ प्रदर्शित कर विरोध जताया। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
गौरतलब है कि स्वर्णकमल साहा लंबे समय तक एंटाली क्षेत्र से विधायक रहे हैं। हाल के चुनाव में उनके बेटे संदीपान साहा ने चुनावी मैदान संभाला था। अब उन पर लगे आरोपों को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक विवाद गहराता नजर आ रहा है।