नई दिल्ली। हाल के दिनों में सोशल मीडिया और युवाओं के बीच चर्चा का विषय बनी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने बुधवार को दिल्ली में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। पार्टी के तीन प्रवक्ताओं ने मीडिया के सामने आकर अपनी मांगों को विस्तार से रखा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि CBSE चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला केवल दिखावटी कार्रवाई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय किए बिना समस्याओं का समाधान संभव नहीं है। पार्टी का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए जिम्मेदार लोगों पर ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी बताया गया कि CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके 6 जून को अमेरिका से दिल्ली पहुंचेंगे। उनके आगमन के बाद पार्टी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति लेने के लिए संसद मार्ग थाने जाएगी। संगठन ने देशभर के युवाओं से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।
पार्टी ने दावा किया कि प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। CJP नेताओं के मुताबिक यह आंदोलन केवल शिक्षा व्यवस्था ही नहीं, बल्कि राजनीतिक तंत्र के प्रति युवाओं की बढ़ती नाराजगी का भी प्रतीक है।
कैसे बनी CJP?
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हुई। पार्टी के अनुसार, देश के युवाओं को लेकर की गई एक न्यायिक टिप्पणी के बाद यह अभियान शुरू हुआ और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन हासिल कर लिया। CJP के इंस्टाग्राम अकाउंट पर करोड़ों फॉलोअर्स होने का दावा किया जा रहा है।
कौन हैं अभिजीत दिपके?
30 वर्षीय अभिजीत दिपके महाराष्ट्र के संभाजीनगर के निवासी हैं और पेशे से डिजिटल मीडिया रणनीतिकार हैं। उन्होंने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वर्तमान में अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स कर रहे हैं। वे 2020 से 2022 तक आम आदमी पार्टी (AAP) के सोशल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट के रूप में भी काम कर चुके हैं। सोशल मीडिया पर वे विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे हैं।