नौतपा का प्रकोप: बालोद में रोज 400–500 चमगादड़ों की मौत, इलाके में फैली बदबू, प्रशासन पर उठे सवाल
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दल्लीराजहरा नगर पालिका क्षेत्र में नौतपा के दौरान भीषण गर्मी का असर अब वन्य जीवों पर भी दिखने लगा है। बीएसपी एमव्हीटी सेंटर के पास स्थित पेड़ों में रहने वाले चमगादड़ों की बड़ी संख्या में रोजाना मौत हो रही है, जिससे स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
स्थानीय जानकारी के अनुसार, हर दिन करीब 400 से 500 चमगादड़ मर रहे हैं। तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के कारण यह स्थिति और गंभीर हो गई है। मृत चमगादड़ों के कारण पूरे इलाके में तेज बदबू फैल गई है, जिससे रहवासियों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नगर पालिका की ओर से सफाई कर्मियों को मौके पर भेजकर मृत चमगादड़ों को हटाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन बड़ी संख्या में शव होने के कारण समस्या पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पा रही है। कई मृत चमगादड़ वहीं रह जाने से हालात और खराब हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या की ओर बीएसपी प्रबंधन और प्रशासन को भी ध्यान देना चाहिए, ताकि जल्द समाधान निकाला जा सके।
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ता तापमान, पेड़ों की कटाई और प्राकृतिक आवास में कमी के कारण वन्य जीवों पर गंभीर असर पड़ रहा है। चमगादड़ जैसे जीव पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनकी लगातार हो रही मौत चिंता का विषय है।