इस्लामाबाद। अमेरिका की ओर से पाकिस्तान पर अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होकर इजरायल से रिश्ते सामान्य करने के बढ़ते दबाव के बीच आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी ने पाकिस्तान सरकार को खुली चेतावनी दी है। ईद-उल-अजहा के मौके पर एक सभा को संबोधित करते हुए कसूरी ने कहा कि “जो भी इजरायल को कबूल करेगा, वो तबाह हो जाएगा।” उसके इस बयान के बाद पाकिस्तान में विदेश नीति और कट्टरपंथी संगठनों के प्रभाव को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैफुल्लाह कसूरी ने अपने भाषण में कहा कि दुनिया की कोई ताकत मुस्लिम देशों को इजरायल को मान्यता देने के लिए मजबूर नहीं कर सकती। उसने दावा किया कि पाकिस्तान और सऊदी अरब मिलकर मुस्लिम देशों की अगुवाई कर सकते हैं। साथ ही उसने पाकिस्तान की सैन्य ताकत और टेक्नोलॉजी का जिक्र करते हुए इजरायल के खिलाफ भड़काऊ बयान भी दिए।
कसूरी ने कहा कि पहले इजरायल पाकिस्तान से हजारों किलोमीटर दूर था, लेकिन अब पाकिस्तान की ताकत उसके बेहद करीब पहुंच चुकी है। उसने अपने भाषण में जिहाद, शहादत और इस्लामिक एकता जैसे मुद्दों को भी उठाया।
सैफुल्लाह कसूरी लश्कर-ए-तैयबा का डिप्टी चीफ माना जाता है और वह आतंकी संगठन के संस्थापक हाफिज सईद का करीबी सहयोगी बताया जाता है। भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उसे कट्टर आतंकवादी घोषित कर रखा है और उसके सिर पर 10 लाख रुपये का इनाम भी घोषित है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार मुस्लिम देशों से अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होने की अपील कर रहे हैं। 2020 में अमेरिका की मध्यस्थता में हुए इस समझौते के तहत UAE और बहरीन समेत कई देशों ने इजरायल के साथ संबंध सामान्य किए थे। हाल के दिनों में पाकिस्तान के भी इस समझौते में शामिल होने की अटकलें तेज हुई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के बयान पाकिस्तान सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश हैं, ताकि वह इजरायल के साथ रिश्तों को लेकर किसी भी संभावित पहल से पीछे हट जाए।