भारत | भारत के पूर्व ओलंपियन और वरिष्ठ खेल प्रशासक Randhir Singh का 79 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उम्र संबंधी बीमारियों के कारण वह पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। रणधीर सिंह भारतीय शूटिंग और खेल प्रशासन की दुनिया का बड़ा नाम माने जाते थे। उनके निधन से भारतीय खेल जगत में शोक की लहर है।
पटियाला राजघराने में जन्मे रणधीर सिंह ने कम उम्र में ही शूटिंग की दुनिया में कदम रखा था। उन्होंने 1978 बैंकॉक एशियन गेम्स में ट्रैप इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया था। वह एशियन गेम्स में शूटिंग में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने थे। इसके अलावा उन्होंने पांच ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जो अपने समय में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी।
खिलाड़ी के रूप में सफलता हासिल करने के साथ-साथ रणधीर सिंह ने खेल प्रशासन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह 1987 से 2012 तक Indian Olympic Association के महासचिव रहे। इसके अलावा वह International Olympic Committee और World Anti-Doping Agency से भी जुड़े रहे। 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स की आयोजन समिति में उन्होंने उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाई थी।
सितंबर 2024 में रणधीर सिंह Olympic Council of Asia के अध्यक्ष चुने जाने वाले पहले भारतीय बने थे। हालांकि स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने बाद में पद छोड़ने का फैसला किया। भारतीय खेल प्रशासन में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
भारत के ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट शूटर Abhinav Bindra समेत कई खिलाड़ियों और खेल संगठनों ने उनके निधन पर शोक जताया है। अभिनव बिंद्रा ने कहा कि रणधीर सिंह ने अपना पूरा जीवन खेलों को समर्पित कर दिया और उनकी विरासत भारतीय खेल इतिहास का अहम हिस्सा रहेगी।