मोहला-मानपुर । नक्सल मुक्त घोषित होने के बाद मोहला-मानपुर जिले में पहली बार राजनांदगांव पुलिस रेंज की रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) बालाजी राव ने की। इस दौरान बेहतर पुलिसिंग, तकनीक आधारित जनोन्मुखी पुलिस व्यवस्था, नवाचारों के क्रियान्वयन और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
स्थानीय पुलिस को-ऑर्डिनेशन सेंटर में आयोजित इस बैठक में राजनांदगांव रेंज के चार जिलों राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कबीरधाम और मोहला-मानपुर के पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।
बैठक में नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में बेसिक पुलिसिंग को और मजबूत करने, लंबित अपराधों के त्वरित निराकरण, शिकायतों के समाधान तथा पुलिस कार्यप्रणाली में नए प्रयोगों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
चारों जिलों के पुलिस अधीक्षकों ने अपने-अपने जिलों में किए जा रहे नवाचारों और पुलिसिंग से जुड़े कार्यों का प्रेजेंटेशन दिया। आईजी बालाजी राव ने उपयोगी नवाचारों को आवश्यकता के अनुसार अन्य जिलों में भी लागू करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान आईजी ने लंबित अपराधों, शिकायतों, सीएम हेल्पलाइन 1076, CCTNS प्रशिक्षण, रेडियो कम्युनिकेशन सिस्टम सहित विभिन्न विभागीय कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने सभी जिलों की कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक के दौरान मोहला-मानपुर जिले की डिस्ट्रिक्ट प्रोफाइल बुक का विमोचन भी किया गया। इसके बाद मोहला-मानपुर कलेक्टर तूलिका प्रजापति की मौजूदगी में आईजी बालाजी राव और अन्य पुलिस अधिकारियों ने रक्षित केंद्र परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
बैठक में राजनांदगांव पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई पुलिस अधीक्षक लक्ष्य शर्मा, कबीरधाम पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह और मोहला-मानपुर पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह सहित चारों जिलों के अन्य राजपत्रित पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
नक्सल मुक्त होने के बाद आयोजित यह पहली रेंज स्तरीय बैठक मानी जा रही है। इसमें पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा की गई।