CM साय ने दी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं, बोले- जनसेवा को दें सर्वोच्च प्राथमिकता

रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के विभिन्न निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड, समिति और अन्य संस्थाओं में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति के आदेश जारी होने पर सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी नवनियुक्त पदाधिकारी जनसेवा, सुशासन और लोककल्याण की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई गति प्रदान करेंगे।

राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार विभिन्न संस्थाओं में नई नियुक्तियां की गई हैं। इनमें छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर गौरीशंकर श्रीवास तथा सदस्य पद पर देवशरण सेन को नियुक्त किया गया है।

वहीं राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में डॉ. ममता साहू और छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पद पर रामलाल चौहान को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अनुसूचित जाति आयोग में उपाध्यक्ष पद पर वेदराम मनहरे तथा सदस्य के रूप में सौरभसिंह जागृत, दुर्गा महेश्वर और दयावंत धर बांधे नियुक्त किए गए हैं।

इसी क्रम में छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर आनंद निषाद और सदस्य पद पर नेतराम निषाद को नियुक्त किया गया है। छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मंडल, रायपुर के अध्यक्ष पद पर राजेश कुमार राजपूत तथा सदस्य पद पर सुमन मुथा को जिम्मेदारी दी गई है।

इसके अलावा शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष पद पर राजेन्द्र नायक तथा सदस्य के रूप में बसंत पटेल, प्रेमलाल पटेल, संतोष पटेल और प्रेम पटेल की नियुक्ति की गई है।

छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष पद पर सुधीर गौतम, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य पद पर मनमथ नाथ शर्मा तथा छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के सदस्य पद पर प्रसन्ना अवस्थी को नियुक्त किया गया है।

विभिन्न संस्थाओं में उपाध्यक्ष पद पर भी नियुक्तियां की गई हैं। इनमें रायपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद पर डॉ. जे.पी. शर्मा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष पद पर किशोर महानंद, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष पद पर आनंद कुमार तिवारी (राजीव लोचन दास महाराज) तथा छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष पद पर मंगल दास ठाकुर को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन नियुक्तियों से संबंधित संस्थाओं के कार्यों को नई दिशा मिलेगी और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों को गति मिलेगी। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करने की अपेक्षा जताई।

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