नई दिल्ली । दिल्ली सरकार ने करीब तीन साल से रिक्त पड़े दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) का पुनर्गठन कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने अधिसूचना जारी करते हुए आयोग में एक अध्यक्ष और चार सदस्यों की नियुक्ति की है।
सरकार ने कहा है कि यह कदम बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, उनके कल्याण और समग्र विकास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
जारी अधिसूचना के अनुसार ओम प्रकाश व्यास को दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं राहुल गौतम, कुंदन कंसकार, स्वाति गुप्ता और मोनिका शर्मा को आयोग का सदस्य बनाया गया है।
सभी नियुक्तियां पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होंगी और इनका कार्यकाल तीन वर्ष का रहेगा। हालांकि, अध्यक्ष के लिए अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष और सदस्यों के लिए 60 वर्ष निर्धारित की गई है। निर्धारित आयु सीमा पूरी होने पर कार्यकाल स्वतः समाप्त हो जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उनका सर्वांगीण विकास दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और अवसरों से भरपूर वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि DCPCR का पुनर्गठन बच्चों से जुड़े मामलों के प्रभावी निस्तारण और उनके अधिकारों की सुरक्षा को और मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि आयोग का नया नेतृत्व संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए बच्चों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करेगा।
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, ये नियुक्तियां बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005, दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग नियम, 2008 और केंद्रीय गृह मंत्रालय की संबंधित अधिसूचनाओं के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रत्येक बच्चे के सुरक्षित भविष्य और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आयोग के सक्रिय होने से बच्चों से जुड़े मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित होगी।