नई दिल्ली | दिल्ली सरकार महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा योजना को डिजिटल बनाने जा रही है। जुलाई 2026 से DTC और क्लस्टर बसों में जारी ‘पिंक टिकट’ व्यवस्था को धीरे-धीरे बंद कर दिया जाएगा और इसके स्थान पर ‘पिंक सहेली कार्ड’ का उपयोग अनिवार्य कर दिया जाएगा।
योजना की शुरुआत 2019 में हुई थी, जिसमें महिलाओं को दिल्ली की सरकारी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाती थी। अब नई प्रणाली में महिलाओं को बस में चढ़ते समय अपने पिंक सहेली कार्ड को इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन पर टैप करना होगा। इससे उनकी यात्रा का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से दर्ज होगा और फर्जी टिकट या डेटा गड़बड़ी जैसी समस्याओं पर रोक लगेगी।
सरकार इस पहल को केंद्र की ‘वन नेशन, वन कार्ड’ पहल से जोड़कर नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) प्रणाली के साथ भी संगत बनाने की दिशा में काम कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल सिस्टम से सब्सिडी वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और महिलाओं के यात्रा पैटर्न पर रियल-टाइम नजर रखने में मदद मिलेगी।
राष्ट्रपति ने 2 मार्च 2026 को ‘पिंक सहेली कार्ड’ योजना की शुरुआत की थी। अब तक 58 केंद्रों से लगभग 6 लाख महिलाओं को कार्ड जारी किए जा चुके हैं, लेकिन केवल 5–6% कार्डधारक ही इसका नियमित उपयोग कर रही हैं।
जुलाई से कार्ड का इस्तेमाल अनिवार्य होगा। इसके लिए बसों और डिपो पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। 12 वर्ष या उससे अधिक उम्र की दिल्ली की किसी भी महिला को आधार कार्ड और सक्रिय मोबाइल नंबर के साथ पिंक सहेली कार्ड के लिए आवेदन करने की सुविधा है।
सरकार ने 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 450 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि नई डिजिटल प्रणाली से न केवल मुफ्त यात्रा का सही रिकॉर्ड रखा जा सकेगा, बल्कि भविष्य की परिवहन योजनाओं को भी बेहतर ढंग से तैयार किया जा सकेगा।