E20 पेट्रोल विवाद: केजरीवाल ने 29 ऑटो कंपनियों को लिखा पत्र, पूछा- नुकसान हुआ तो कौन देगा मुआवजा?

नई दिल्ली। E20 इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर अपना हमला तेज कर दिया है। केजरीवाल ने देश की 29 प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों को पत्र लिखकर E20 पेट्रोल की सुरक्षा और पुराने वाहनों पर इसके प्रभाव को लेकर जवाब मांगा है।

केजरीवाल ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि उन्होंने वाहन निर्माता कंपनियों से स्पष्ट जानकारी मांगी है कि क्या पुराने वाहनों में E20 पेट्रोल का इस्तेमाल पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने कंपनियों से एक सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है।

मारुति, टोयोटा और हीरो को अलग से भेजी चिट्ठी

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि Maruti Suzuki India, Toyota Kirloskar Motor और Hero MotoCorp को अलग-अलग पत्र भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि इन कंपनियों ने पहले दावा किया था कि पुराने वाहनों में E20 पेट्रोल का इस्तेमाल सुरक्षित है, हालांकि इससे माइलेज में 4 से 5 प्रतिशत तक कमी आ सकती है।

केजरीवाल ने कहा कि कंपनियों के सार्वजनिक बयानों और कुछ वाहन मैनुअल में दी गई जानकारी में अंतर नजर आता है। इसी को लेकर उन्होंने कंपनियों से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

ऑटो कंपनियों से पूछे दो सवाल

केजरीवाल ने बताया कि कंपनियों से मुख्य रूप से दो सवाल पूछे गए हैं। पहला, यदि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहन को नुकसान होता है या माइलेज में अधिक गिरावट आती है, तो क्या कंपनी इसकी जिम्मेदारी लेगी? दूसरा, यदि E20 ईंधन के कारण किसी वाहन मालिक को नुकसान होता है, तो क्या कंपनी उसे मुआवजा देगी?

उन्होंने कहा कि यह मुद्दा देश के करोड़ों वाहन मालिकों से जुड़ा हुआ है, इसलिए कंपनियों को अपनी स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए।

26 अन्य कंपनियों से भी मांगा जवाब

केजरीवाल ने बताया कि मारुति, टोयोटा और हीरो के अलावा 26 अन्य ऑटोमोबाइल कंपनियों को भी पत्र भेजे गए हैं। उनसे पूछा गया है कि उनके द्वारा निर्मित वाहनों में E20 पेट्रोल का इस्तेमाल कितना सुरक्षित है और किसी नुकसान की स्थिति में उनकी क्या जिम्मेदारी होगी।

जनता से भी फीडबैक लेगी पार्टी

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी E20 पेट्रोल के मुद्दे पर जनता के बीच जाएगी और वाहन मालिकों से उनके अनुभव जानेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोगों की चिंताओं को नजरअंदाज कर रही है और इस विषय पर पुनर्विचार की जरूरत है।

गौरतलब है कि E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। सरकार इसे पेट्रोलियम आयात कम करने और जैव ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इसके प्रभावों को लेकर सवाल उठा रहा है।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *