मुंबई। हॉलीवुड की साइकोलॉजिकल हॉरर फिल्म ऑब्सेशन भारत में सेंसरशिप को लेकर विवादों में घिर गई है। फिल्म से 38 सेकंड के अहम हिस्से हटाए जाने के बाद दर्शकों और फिल्म समीक्षकों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
सूत्रों के अनुसार, CBFC ने फिल्म को ‘A’ (Adults Only) सर्टिफिकेट देने के बावजूद इसमें 24 सेकंड के एक हिंसक दृश्य और 14 सेकंड के एक अंतरंग दृश्य को हटाने का आदेश दिया। बताया जा रहा है कि हटाया गया हिंसक दृश्य फिल्म का सबसे महत्वपूर्ण और डरावना सीन माना जाता है, जो कहानी में मुख्य किरदार की मानसिक स्थिति को दर्शाता था।
फिल्म की कहानी एक युवक ‘बियर’ और एक रहस्यमयी सुपरनैचुरल टॉय के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां एक इच्छा पूरी होने के बाद घटनाएं डरावने मोड़ पर पहुंच जाती हैं। इसी दौरान एक किरदार ‘निक्की’ का हिंसक और असामान्य व्यवहार कहानी को साइकोलॉजिकल हॉरर में बदल देता है।
फिल्म के निर्देशक करी बार्कर हैं, जिन्होंने इसे बेहद कम बजट में तैयार किया था और यह उनकी पहली थिएट्रिकल फिल्म मानी जा रही है। इसके बावजूद फिल्म ने वैश्विक स्तर पर शानदार कमाई की है।
भारत में किए गए कट्स को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कई दर्शकों का कहना है कि A सर्टिफिकेट मिलने के बाद भी जरूरी दृश्यों को हटाने से फिल्म की कहानी और उसका प्रभाव कमजोर हो गया है।
फिलहाल यह मामला सेंसरशिप नीति को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ रहा है, जहां दर्शकों और फिल्म प्रेमियों का कहना है कि फिल्म की मूल प्रस्तुति को बनाए रखना जरूरी था।