नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व चेयरमैन और भगोड़े कारोबारी ललित मोदी ने 16 साल पुराने कोच्चि टस्कर्स केरल विवाद को लेकर कांग्रेस नेता शशि थरूर और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक इंटरव्यू में ललित मोदी ने दावा किया कि वर्ष 2010 में कोच्चि आईपीएल फ्रेंचाइजी से जुड़े विवाद के दौरान शशि थरूर के बचाव में तत्कालीन यूपीए सरकार और कांग्रेस का पूरा तंत्र सक्रिय हो गया था।
समाचार एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में ललित मोदी ने कहा कि कोच्चि कंसोर्टियम को आईपीएल फ्रेंचाइजी दिए जाने के दौरान कई वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध इक्विटी ढांचे को लेकर उन्होंने सवाल उठाए थे। उनके अनुसार, जब उन्होंने इस सौदे को मंजूरी देने से इनकार किया, तब उन पर राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव बनाया गया।
सोनिया गांधी और वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप का दावा
ललित मोदी ने आरोप लगाया कि उस समय उन्हें कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं की ओर से फोन आते थे। उन्होंने दावा किया कि अहमद पटेल, प्रणब मुखर्जी और राजीव शुक्ला सहित कई प्रभावशाली लोग उनसे संपर्क कर मामले को आगे बढ़ाने का दबाव बना रहे थे। मोदी ने यह भी कहा कि शशि थरूर के बचाव में सोनिया गांधी तक सक्रिय थीं।
सुनंदा पुष्कर की इक्विटी पर उठाए सवाल
ललित मोदी ने दावा किया कि विवाद उस समय और गहरा गया जब उन्हें पता चला कि शशि थरूर की दिवंगत पत्नी सुनंदा पुष्कर को कथित तौर पर बिना निवेश के 25 प्रतिशत इक्विटी दी जा रही थी। उन्होंने इस हिस्सेदारी की प्रकृति और लाभार्थियों को लेकर सवाल उठाए थे।
शशि थरूर पर लगाए गंभीर आरोप
पूर्व आईपीएल चेयरमैन ने आरोप लगाया कि शशि थरूर ने उनसे फोन पर सुनंदा पुष्कर को लेकर सवाल न पूछने की बात कही थी और अधिक पूछताछ करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
क्या था कोच्चि टस्कर्स केरल विवाद?
कोच्चि टस्कर्स केरल आईपीएल की एक फ्रेंचाइजी थी, जिसे 2010 में रॉन्डेवू स्पोर्ट्स वर्ल्ड ने लगभग 1,550 करोड़ रुपये की बोली लगाकर खरीदा था। टीम ने केवल एक सीजन (2011) में हिस्सा लिया। बाद में मालिकाना हक, बैंक गारंटी और वित्तीय शर्तों को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ, जिसके चलते BCCI ने सितंबर 2011 में फ्रेंचाइजी का अनुबंध समाप्त कर दिया।
ललित मोदी के ताजा दावों ने एक बार फिर आईपीएल के शुरुआती वर्षों से जुड़े राजनीतिक और कारोबारी विवादों को चर्चा में ला दिया है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित नेताओं की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।