मिडिल ईस्ट युद्ध का असर भारत पर: मोदी कैबिनेट ने उठाया अचानक बड़ा कदम!”

नई दिल्ली। मध्य पूर्व में जारी युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में उथल-पुथल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एविएशन सेक्टर को राहत देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। सरकार ने एटीएफ (एविएशन टरबाइन फ्यूल) के दाम स्थिर करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का फंड बनाने की मंजूरी दी है।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 3 जून 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए कहा कि अमेरिकी और ईरानी युद्ध के बाद ATF की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में मार्च 2026 से मई 2026 तक लगभग ढाई गुना वृद्धि हुई है। मार्च में एटीएफ की कीमत ₹60.5 प्रति लीटर थी, जो मई में बढ़कर ₹142 प्रति लीटर पहुंच गई।

फंड से क्या होगा लाभ?

सरकार की तरफ से दिया जाने वाला 10,000 करोड़ रुपये का फंड ब्याज मुक्त कर्ज के रूप में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को उपलब्ध कराया जाएगा। इस फंड का उद्देश्य एटीएफ की कीमतों को स्थिर करना और घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन में एयरलाइंस को राहत देना है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एयरलाइंस का कुल खर्च का लगभग 30-40 प्रतिशत हिस्सा केवल एटीएफ खरीदने में जाता है, कभी-कभी यह हिस्सा 60 प्रतिशत तक बढ़ जाता है, जिससे उद्योग पर भारी दबाव बनता है। इस फंड के जरिए एयरलाइंस को 36 महीनों तक समर्थन मिलेगा और हर साल इसका समीक्षा प्रावधान भी होगा।

सरकार ने घरेलू ऑपरेशन के लिए ATF की कीमतें ₹75.6 प्रति लीटर तय कर दी हैं, जिससे घरेलू उड़ानों की लागत को नियंत्रित किया जा सके।

विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम एयरलाइन इंडस्ट्री को तत्काल राहत देने के साथ-साथ उड़ानों की कीमतों में अस्थिरता को कम करने में भी मदद करेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय तेल संकट के प्रभाव को कम करने और उद्योगों को टिकाऊ बनाने के लिए सक्रिय कदम उठाती रहेगी।

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