नई दिल्ली | पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रविवार रात पुराने लोहे के पुल के पास यमुना का जलस्तर 203.33 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी और खतरे के स्तर के करीब पहुंच रहा है।
प्रशासन के अनुसार, यमुना का चेतावनी स्तर 204.50 मीटर निर्धारित है। अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और घबराने की आवश्यकता नहीं होने की बात कही है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि पुराने लोहे के पुल के समानांतर नया रेलवे पुल तैयार होने के कारण जलस्तर बढ़ने की स्थिति में भी रेल सेवाओं पर किसी बड़े असर की संभावना नहीं है।
इस बीच, दिल्ली में पिछले दो दिनों से बारिश नहीं होने के कारण उमस और गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। रविवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी का स्तर 83 प्रतिशत तक पहुंचने से शाम के समय ‘फील्स लाइक’ तापमान 45.7 डिग्री सेल्सियस तक महसूस किया गया।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक दिल्ली में मौसम का मिजाज लगभग ऐसा ही बना रह सकता है। बीच-बीच में बादल छाए रहने की संभावना है, लेकिन उमस और गर्मी से फिलहाल राहत मिलने के आसार कम हैं।
वहीं, धूल भरी आंधी के कारण राजधानी की हवा भी खराब हो गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, रविवार शाम दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 261 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने बताया कि प्रदूषण बढ़ने की प्रमुख वजह दूर-दराज के क्षेत्रों से आई धूल है। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के आसपास बने धूल भरे तूफान का असर उत्तर-पश्चिम भारत होते हुए दिल्ली-एनसीआर तक पहुंचा है। फिलहाल स्थानीय प्रदूषण स्रोतों को इसके लिए प्रमुख कारण नहीं माना गया है।