सरपंच की कुर्सी या रहेगी बरकरार? गुज़रा पंचायत में 17 जून को होगा शक्ति परीक्षण

 आरंग।विकासखंड आरंग के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गुज़रा में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पंचायत की महिला सरपंच बिंदू बंजारे (पति स्व. कोमल बंजारे) के खिलाफ उपसरपंच और पंचों की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को प्रशासन ने मंजूरी दे दी है। अब सरपंच के भविष्य का फैसला 17 जून 2026 को होने वाली विशेष बैठक में होगा।

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं विहित प्राधिकारी आरंग ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान के लिए ग्राम पंचायत भवन गुज़रा में दोपहर 1 बजे पंचों का विशेष सम्मेलन बुलाया है। बैठक की अध्यक्षता तहसीलदार मंदिरहसौद विनोद साहू करेंगे, जिन्हें पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है।

सरपंच पर लगाए गए कई गंभीर आरोप
उपसरपंच और पंचों ने छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 21 के तहत शिकायत करते हुए सरपंच पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

पंचों का आरोप है कि पंचायत में करीब 6 लाख रुपये की शासकीय राशि का आहरण किया गया, लेकिन राशि के उपयोग से जुड़ी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके अलावा सरपंच के भाई के पंचायत कार्यों में हस्तक्षेप करने का भी आरोप लगाया गया है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि सरपंच नियमित रूप से पंचायत क्षेत्र में मौजूद नहीं रहतीं और मायके ग्राम बिमचा (जिला महासमुंद) में निवास करती हैं, जिससे ग्रामीणों को जरूरी दस्तावेजों के सत्यापन सहित अन्य कार्यों में परेशानी हो रही है।

पानी टैंकर और मोटर पंप के नाम पर गड़बड़ी का आरोप
पंचों ने आरोप लगाया कि पेयजल आपूर्ति के लिए पानी टैंकर उपलब्ध नहीं कराया गया, लेकिन अक्टूबर 2025 में टैंकर सप्लाई के नाम पर 11 हजार और 29,750 रुपये की राशि निकाली गई। वहीं पुराने मोटर पंप और सिंटेक्स टंकी की मरम्मत को नया निर्माण बताकर 32 हजार रुपये आहरित करने का भी आरोप लगाया गया है।

इसके साथ ही पंचायत के रिकॉर्ड नहीं दिखाने और पंचों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप भी लगाया गया है।

प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के दिए निर्देश
अविश्वास प्रस्ताव पर कार्रवाई करते हुए एसडीएम आरंग अभिलाषा पैकरा ने सरपंच को नोटिस जारी कर 17 जून को बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। पंचायत सचिव को सभी सदस्यों को समय पर सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना प्रभारी मंदिरहसौद को भी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा गया है। अब सभी की निगाहें 17 जून की विशेष बैठक पर टिकी हैं, जहां तय होगा कि गुज़रा पंचायत की कमान बिंदू बंजारे के पास रहेगी या उन्हें पद से हटना पड़ेगा।

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