डस्ट फ्री दिल्ली की ओर बड़ा कदम, हाईटेक रोड मैनेजमेंट सिस्टम लागू करेगी सरकार

नई दिल्ली। दिल्ली की सड़कों के रखरखाव को अब आधुनिक तकनीक और डेटा आधारित प्रणाली से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को ऐलान किया कि राजधानी में सड़कों की स्थिति का वैज्ञानिक आकलन कर मरम्मत और रखरखाव के फैसले लिए जाएंगे।

दिल्ली सरकार सड़क प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए ‘सड़क परिसंपत्ति प्रबंधन प्रणाली’ (Road Asset Management System) विकसित कर रही है। इसके जरिए सड़कों की गुणवत्ता, यातायात दबाव और मरम्मत की जरूरतों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।

PWD, CRRI और SPA के बीच हुआ समझौता

इस योजना के तहत दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के साथ समझौता किया है।

इस पहल का उद्देश्य दिल्ली की सड़क व्यवस्था को आधुनिक बनाना, सड़क सुरक्षा बढ़ाना और प्रदूषण कम करना है।

डेटा से तय होगी सड़क मरम्मत की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ते ट्रैफिक, वायु प्रदूषण और जलभराव जैसी समस्याओं से निपटने के लिए अब पारंपरिक तरीके के बजाय वैज्ञानिक और डेटा आधारित प्रणाली अपनाई जाएगी।

नई व्यवस्था में:

  • सड़कों की डिजिटल मैपिंग होगी
  • सड़क की स्थिति की नियमित जांच की जाएगी
  • खराब सड़कों की पहले पहचान होगी
  • जरूरत के अनुसार मरम्मत कार्य को प्राथमिकता दी जाएगी

दिल्ली को बनाया जाएगा डस्ट फ्री

सरकार ने दिल्ली को धूल प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए भी योजना तैयार की है। इसके तहत सड़कों के किनारे हरित पट्टियां विकसित की जाएंगी और स्थानीय पौधों को बढ़ावा दिया जाएगा।

इसके अलावा वर्षा जल निकासी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या कम हो।

भूजल संरक्षण पर भी फोकस

योजना के तहत सड़क निर्माण में ऐसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे बारिश का पानी जमीन में पहुंच सके और भूजल स्तर को सुधारने में मदद मिले।

PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि यह कदम दिल्ली की सड़क व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि हरित पट्टियों के विकास से धूल प्रदूषण कम होगा और दिल्ली को साफ-सुथरा बनाने में मदद मिलेगी।

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