तेहरान/वॉशिंगटन। ईद-उल-अजहा (बकरीद) के दिन पश्चिम एशिया में बड़ा तनाव देखने को मिला, जब अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष फिर से भड़क उठा। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) क्षेत्र में स्थिति और गंभीर हो गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास (Bandar Abbas) क्षेत्र में ताबड़तोड़ हवाई हमले किए, जिसमें सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन हमलों के दौरान 4 ईरानी ड्रोन को भी मार गिराने का दावा किया गया है।
स्थानीय मीडिया और ईरानी अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘फार्स’ के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार रात करीब 1:30 बजे लगातार तीन तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिसके बाद क्षेत्र में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, यह पिछले 48 घंटों में दूसरा बड़ा हमला बताया जा रहा है। इससे पहले भी अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल ठिकानों और संदिग्ध नौसैनिक गतिविधियों को निशाना बनाया था। ईरान ने इन कार्रवाइयों को सीजफायर का उल्लंघन बताते हुए कड़ी निंदा की है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त रुख दोहराते हुए कहा है कि ईरान को किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि समझौता हुआ तो वह पूरी तरह अमेरिकी शर्तों पर आधारित होगा, अन्यथा कोई डील नहीं होगी।
इस घटनाक्रम के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है।