नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राजधानी के गरीब और श्रमिक वर्ग को राहत देने के लिए दो बड़े फैसलों को मंजूरी दी है। इन फैसलों से झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लाखों लोगों और निर्माण श्रमिकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
पहले निर्णय के तहत सरकार ने झुग्गी पुनर्वास योजना की पात्रता तिथि को बढ़ाकर 1 जनवरी 2025 कर दिया है। इससे झुग्गी बस्तियों में रहने वाले अधिक परिवार योजना के दायरे में आ जाएंगे और उन्हें पक्का मकान उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा। सरकार का अनुमान है कि इस फैसले से करीब 4 से 5 लाख परिवारों को लाभ मिल सकता है।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) की 36वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया। सरकार का कहना है कि प्रभावित परिवारों को पुनर्वास के दौरान उनके मौजूदा आवास के आसपास ही बसाने का प्रयास किया जाएगा, साथ ही पुनर्वास कॉलोनियों में स्कूल, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र और खेल मैदान जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
दूसरे फैसले में “दिल्ली भवन निर्माण श्रमिक स्वास्थ्य योजना” को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत राजधानी के करीब 2.70 लाख पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना के अनुसार श्रमिकों को 2 लाख रुपये तक और उनके परिवारों को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। इसके लिए चयनित अस्पतालों का नेटवर्क बनाया जाएगा और लाभार्थियों का डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा।
सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि सभी लाभार्थियों के लिए वार्षिक स्वास्थ्य जांच अनिवार्य होगी और श्रमिकों की सहायता के लिए 24×7 हेल्पलाइन सेवा शुरू की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण श्रमिक कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं, ऐसे में यह योजना उनके स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।