अमेरिका | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक ही दिन में दो बड़े कानूनी झटके लगे हैं। एक ओर कैपिटल हिल हमले से जुड़े उपद्रवियों के लिए बनाए गए मुआवजा फंड पर संघीय अदालत ने अस्थायी रोक लगा दी है, वहीं दूसरी ओर कैनेडी सेंटर से “ट्रंप” नाम हटाने का आदेश भी जारी किया गया है।
वर्जीनिया के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट की संघीय अदालत ने करीब 1.8 अरब डॉलर के “एंटी-वेपनाइजेशन फंड” के संचालन और क्रियान्वयन पर रोक लगाते हुए कहा है कि मामले की आगे की सुनवाई तक सरकार कोई नया कदम नहीं उठा सकती। यह फंड कथित तौर पर उन लोगों को मुआवजा देने के लिए बनाया गया था जिन्हें राजनीतिक मामलों में निशाना बनाया गया था।
जज ने अपने आदेश में यह रोक 12 जून तक लागू रखी है। वहीं अमेरिकी न्याय विभाग ने इस फंड की वैधता पर भरोसा जताते हुए कहा है कि सरकार अपनी योजना को कानूनी रूप से सही मानती है और आगे भी इसे लेकर प्रतिबद्ध है।
इसी बीच वाशिंगटन की एक अन्य संघीय अदालत ने कैनेडी सेंटर से “ट्रंप” नाम हटाने का आदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी संघीय सांस्कृतिक संस्थान का नाम बदलने का अधिकार केवल अमेरिकी कांग्रेस के पास है।
जज के आदेश के अनुसार, 14 दिनों के भीतर कैनेडी सेंटर परिसर से “ट्रंप” नाम वाले सभी साइनबोर्ड हटाने होंगे और आधिकारिक दस्तावेजों में भी इस नाम के उपयोग पर रोक रहेगी।
इन दोनों फैसलों को ट्रंप प्रशासन के लिए बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है, जिससे राजनीतिक और कानूनी बहस तेज हो गई है।