कोलकाता | पश्चिम बंगाल में नई सरकार ने सत्ता संभालते ही सक्रियता दिखाते हुए कई बड़े फैसलों की घोषणा की है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में सोमवार को नबन्ना में हुई पहली कैबिनेट बैठक में कुल 6 महत्वपूर्ण एजेंडों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में ममता बनर्जी सरकार के कई पुराने फैसलों को पलटा गया और केंद्र की योजनाओं को पूरे राज्य में लागू करने का ऐलान किया गया।
कैबिनेट द्वारा लिए गए प्रमुख फैसले
1. आयुष्मान भारत योजना लागू
मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि राज्य में आयुष्मान भारत योजना लागू की जाएगी। इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
2. BSF को सीमा बाड़बंदी के लिए जमीन
सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अगले 45 दिनों के भीतर बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) को सीमा बाड़बंदी के लिए जमीन दी जाएगी।
3. सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में छूट
सरकारी नौकरियों में आवेदन करने वाले युवाओं की उम्र सीमा में 5 साल की बढ़ोतरी कर दी गई है।
4. पश्चिम बंगाल में जनगणना की शुरुआत
राज्य में जनगणना प्रक्रिया को शुरू करने की भी मंजूरी दी गई।
5. शहीदों के परिवारों की जिम्मेदारी
शहीदों के परिवारों के कल्याण और उनकी जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के उपाय तय किए गए।
6. सभी केंद्रीय योजनाओं को अपनाना
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना जैसी **सभी केंद्रीय योजनाओं** को राज्य में लागू करने का निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री अधिकारी के बयान
शुभेंदु अधिकारी ने कहा,
“प्रधानमंत्री मोदी का विजन सबके लिए विकास का विजन है। हमारी सरकार का यह guiding principle होगा। यह कैबिनेट सुशासन और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित करेगी।”
उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र की सभी योजनाओं से राज्य जुड़ा रहेगा , और बीएनएस (बिजनेस नॉलेज सिस्टम) भी आज से राज्य में लागू कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना में अब तक **8 लाख 65 हजार आवेदन** प्राप्त हुए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य में सभी केंद्रीय योजनाओं का लाभ तेजी से जनता तक पहुंचाया जाएगा।
कैबिनेट बैठक का महत्व
* ममता बनर्जी सरकार के कई फैसलों को संशोधित किया गया।
* केंद्र और राज्य योजनाओं के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया जाएगा।
* रोजगार, स्वास्थ्य और महिलाओं के कल्याण के लिए नए उपाय लागू होंगे।
पश्चिम बंगाल की नई सरकार का यह पहला कदम राज्य में **सुरक्षा, स्वास्थ्य और विकास** को प्राथमिकता देने का संकेत देता है।