नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी के विकास को लेकर अपना विजन पेश किया। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत-2047” के लक्ष्य में दिल्ली की भूमिका बेहद अहम होगी और राजधानी को ऐसा मॉडल शहर बनाया जाएगा, जिसे देश के अन्य राज्य भी अपनाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी विकसित राष्ट्र की पहचान केवल आर्थिक और तकनीकी विकास से नहीं होती, बल्कि नागरिकों की क्षमता, कौशल और उत्पादकता भी महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और सामाजिक योजनाओं के जरिए दिल्ली को विकसित शहर बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों की जानकारी दी।
दिल्ली में 1 लाख करोड़ रुपये के रोड प्रोजेक्ट
बैठक में बताया गया कि केंद्र सरकार के सहयोग से दिल्ली में करीब 1 लाख करोड़ रुपये के रोड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इन परियोजनाओं से राजधानी की कनेक्टिविटी और शहरी ढांचे को मजबूती मिलेगी।
वहीं यमुना नदी की सफाई और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर एक विशेष कोऑर्डिनेशन टीम बनाई गई है, जो यमुना पुनर्जीवन के लिए काम कर रही है।
शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में कई बड़े कदम उठाए हैं। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 75 ‘सीएम श्री स्कूल’ स्थापित किए गए हैं। सरकारी स्कूलों में 8,777 से ज्यादा स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब तैयार किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों की पढ़ाई को और बेहतर बनाने के लिए शिक्षा व्यवस्था में AI तकनीक को भी शामिल किया जा रहा है।
ITI में युवाओं को मिलेगी आधुनिक ट्रेनिंग
रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए दिल्ली के ITI संस्थानों में 9 उत्कृष्टता केंद्र शुरू किए गए हैं। यहां औद्योगिक ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर और स्मार्ट एनर्जी जैसे क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अस्पतालों में मुफ्त MRI और CT स्कैन की तैयारी
स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार सरकारी अस्पतालों में मुफ्त MRI और CT स्कैन जैसी जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा द्वारका में पहला ‘ब्रेन हेल्थ क्लिनिक’ शुरू किया गया है।
दिल्ली में पहले से 150 डायलिसिस केंद्र संचालित हैं और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
खेल सुविधाओं को भी मिलेगा बढ़ावा
दिल्ली में खेलो इंडिया केंद्रों की संख्या 5 से बढ़ाकर 11 कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘दिल्ली खेल महाकुंभ 2025-26’ में 25 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।
केंद्र से मांगी अतिरिक्त सहायता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्र सरकार से दिल्ली को मिलने वाली केंद्रीय सहायता बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि राजधानी के विकास को गति देने के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहयोग जरूरी है।
उन्होंने PWD व्यवस्था को मजबूत करने, औद्योगिक विकास योजनाओं में दिल्ली को शामिल करने और नई तकनीक आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने का प्रस्ताव भी रखा।
कुल मिलाकर नीति आयोग की बैठक में दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार को केंद्र में रखते हुए ‘विकसित दिल्ली’ का रोडमैप पेश किया।