नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, लेकिन इस राशि के इस्तेमाल को लेकर सरकार कुछ प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है।
सरकार योजना की राशि के सही उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए ‘नेगेटिव लिस्ट’ तैयार करने पर विचार कर रही है। इसके तहत लाभार्थी महिलाओं को मिलने वाली राशि का इस्तेमाल शराब, गुटखा, बीड़ी-सिगरेट जैसे नशीले उत्पादों और ऑनलाइन जुआ या सट्टेबाजी जैसी गतिविधियों में करने की अनुमति नहीं होगी।
राशि दो हिस्सों में देने की तैयारी
योजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, सरकार सहायता राशि को दो हिस्सों में उपलब्ध कराने की योजना बना रही है। इसमें:
- 1500 रुपये लाभार्थी महिला के नाम पर रिकरिंग डिपॉजिट (RD) या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में जमा किए जा सकते हैं।
- 1000 रुपये सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट के माध्यम से दिए जाएंगे।
CBDC वॉलेट की राशि का इस्तेमाल केवल सरकार द्वारा तय वस्तुओं और सेवाओं के लिए किया जा सकेगा।
किन चीजों पर नहीं कर सकेंगी खर्च
प्रस्तावित नेगेटिव लिस्ट में शामिल हो सकते हैं:
- शराब और अन्य नशीले पदार्थ
- पान, गुटखा, तंबाकू उत्पाद
- बीड़ी और सिगरेट
- ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और जुए से जुड़ी गतिविधियां
सरकार का उद्देश्य है कि सहायता राशि का इस्तेमाल परिवार की जरूरतों, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी खर्चों में हो।
लागू करने में आ सकती हैं चुनौतियां
अधिकारियों का कहना है कि कुछ श्रेणियों पर रोक लगाना आसान होगा, लेकिन गुटखा, तंबाकू उत्पादों और ऑनलाइन गेमिंग जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह निगरानी रखना तकनीकी चुनौती हो सकती है। इसके लिए सरकार डिजिटल सिस्टम और अन्य विकल्पों पर काम कर रही है।
महिलाओं को मिलेंगे दो विकल्प
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, योजना में महिलाओं को दो विकल्प दिए जा सकते हैं।
पहले विकल्प में 2500 रुपये में से 1500 रुपये बचत खाते (RD/FD) में और 1000 रुपये CBDC वॉलेट में दिए जाएंगे। वहीं दूसरा विकल्प पूरी राशि को RD या FD में जमा कराने का हो सकता है।
1 अगस्त से शुरू होंगे आवेदन
दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 अगस्त 2026 से शुरू होने की संभावना है। पात्र महिलाएं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगी। आवेदन के बाद दस्तावेजों का सत्यापन जिला स्तर पर किया जाएगा।
योजना के तहत 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की वे महिलाएं पात्र होंगी, जिनके परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये या उससे कम होगी। सरकारी कर्मचारी, आयकरदाता और पहले से अन्य सरकारी आर्थिक सहायता प्राप्त करने वाली महिलाएं योजना के दायरे से बाहर रहेंगी।