रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी में संभावित बदलाव और नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर चर्चाओं के बीच भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच बयानबाजी का दौर भी शुरू हो गया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस पर गुटबाजी का आरोप लगाया, तो वहीं नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस सामूहिक नेतृत्व में विश्वास करती है और पार्टी में सब कुछ ठीक चल रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर चल रही चर्चाओं पर तंज कसते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों से प्रदेश अध्यक्ष बदलने की चर्चा चल रही है और यह अब “बोरिंग चैप्टर” बन चुका है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की परंपरा और संस्कार में ही गुटबाजी शामिल है, जो समय-समय पर सामने आती रहती है। जायसवाल ने दावा किया कि कांग्रेस को प्रदेश की जनता लगभग भुला चुकी है और उसकी गतिविधियों पर ध्यान देना अब लोगों के लिए जरूरी नहीं रह गया है।
महंत का जवाब: कांग्रेस में सब ठीक, सामूहिक नेतृत्व हमारी ताकत
स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि कांग्रेस में किसी तरह का मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच बेहतर समन्वय है और सभी फैसले सामूहिक नेतृत्व के आधार पर लिए जाते हैं। महंत ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चा जरूर है, लेकिन फिलहाल इसकी कोई जल्दबाजी नहीं है।
उन्होंने संकेत दिया कि जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, वहां संगठनात्मक बदलाव की संभावना है और छत्तीसगढ़ में भी इस पर चर्चा हो रही है। हालांकि उन्होंने कहा कि जब तक राहुल गांधी का प्रस्तावित दौरा और जिला अध्यक्षों का प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा नहीं हो जाता, तब तक किसी बदलाव की आवश्यकता नहीं है।
खाद-बीज की समस्या को लेकर सरकार पर हमला
चरणदास महंत ने खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर राज्य सरकार को भी घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार यह दावा कर रही है कि सब कुछ ठीक है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों को अब भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। महंत के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में कामकाज प्रभावित है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दबाव में है, जिस पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
इंडिया गठबंधन की बैठक पर भी बोले महंत
दिल्ली में आयोजित इंडिया गठबंधन की बैठक को लेकर महंत ने कहा कि बैठक में महंगाई, पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में “अघोषित आपातकाल” जैसे हालात हैं और विपक्ष इन मुद्दों पर आगे की रणनीति तय करेगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर जारी अटकलों के बीच भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है। आने वाले दिनों में संगठनात्मक बदलावों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की संभावना है।