किरंदुल । विकासखंड कुआकोंडा में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से विज्ञान प्रदर्शनी एवं टीएलएम (शिक्षण-अधिगम सामग्री) मेले का आयोजन किया गया। संकुल केंद्र कुआकोंडा क्रमांक-1 एवं क्रमांक-2 में संकुल प्राचार्या श्रीमती शेफाली भदौरिया के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
मेले में संकुल के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने आकर्षक विज्ञान मॉडल और नवाचारी शिक्षण-अधिगम सामग्री प्रस्तुत की। इन मॉडलों के माध्यम से बच्चों ने वैज्ञानिक सोच, व्यावहारिक ज्ञान और रचनात्मकता का परिचय दिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ प्रयोगात्मक शिक्षा से जोड़ना और सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक एवं प्रभावी बनाना था।
शिक्षा में नवाचार पर दिया जोर
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खंड शिक्षा अधिकारी प्रमोद भदौरिया एवं सहायक खंड शिक्षा अधिकारी मनोज राठौर उपस्थित रहे। इसके अलावा शाला प्रबंधन समिति (एसएमसी) के अध्यक्ष, पालकगण तथा शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी सहभागिता निभाई और विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी प्रमोद भदौरिया ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव प्रदान करते हैं तथा उनकी जिज्ञासा, कल्पनाशीलता और वैज्ञानिक सोच को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने संकुल प्राचार्या श्रीमती शेफाली भदौरिया की इस अभिनव पहल की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए इसे अन्य संकुलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बताया।
शिक्षकों के सहयोग से सफल हुआ आयोजन
विज्ञान प्रदर्शनी एवं टीएलएम मेले के आयोजन में संकुल समन्वयक चंद्रकांत छाटा, गोविंद सोरी सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं का विशेष योगदान रहा।
इस आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ नए विचारों को साझा करने का अवसर दिया। शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह की पहल से विद्यार्थियों में नवाचार, प्रयोगात्मक सीखने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।