रायगढ़ । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि किसानों की खुशहाली और समृद्धि छत्तीसगढ़ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था और संस्कृति के केंद्र में अन्नदाता हैं। किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। सुशासन और जनसेवा के माध्यम से विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार का संकल्प है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गुरुवार को रायगढ़ के शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में आयोजित कोलता समाज के नुआखाई भेंटघाट एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर समाजजनों ने पारंपरिक गजमाला पहनाकर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने मां रणेश्वरी रामचण्डी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
सामुदायिक भवनों के लिए 80 लाख रुपये की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कोलता समाज की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दो सामुदायिक भवनों के निर्माण के लिए कुल 80 लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके तहत ग्राम कोतरलिया के चंडी डोंगरी में 30 लाख रुपये की लागत से सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन और नगर पंचायत पुसौर में 50 लाख रुपये की लागत से कोलता समाज का मंगल भवन बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बाउंड्रीवॉल निर्माण की भी घोषणा की।
नुआखाई कृषि संस्कृति और नई फसल की खुशियों का पर्व
मुख्यमंत्री साय ने कोलता समाज सहित प्रदेशवासियों को नुआखाई पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व नई फसल के स्वागत, किसानों के परिश्रम के सम्मान और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रतीक है। ऐसे त्योहार हमारी सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत रखने के साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी मेहनत का उचित प्रतिफल मिले, खेती की लागत कम हो और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से कृषि उत्पादन में वृद्धि हो।
मुख्यमंत्री ने बताया कि रायगढ़ अंचल के किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए केलो परियोजना का कार्य शुरू किया गया है। यह परियोजना क्षेत्र के किसानों के लिए लाभकारी साबित होगी और खेती को नई मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास को गति देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की नई परियोजनाएं शुरू की गई हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हो रहा पक्के घर का सपना
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराने का काम तेजी से किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन लगभग 1,600 आवासों का निर्माण हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पक्का घर केवल छत और चार दीवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परिवार के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार है। सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र जरूरतमंद परिवार आवास सुविधा से वंचित न रहे।
सुशासन और पारदर्शिता सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा को अपनी कार्यसंस्कृति का आधार बनाया है। नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सेवा सेतु और अटल डिजिटल सेवा केंद्र जैसी व्यवस्थाएं शुरू की गई हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप सरकार ने अपने ढाई वर्षों के कार्यकाल में अधिकांश वादे पूरे किए हैं। शासन की योजनाओं की सार्थकता तभी है, जब उनका लाभ सही समय पर जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे।
नक्सलवाद से मुक्ति के बाद विकास की नई यात्रा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प, सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। अब बस्तर सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य हिंसा का रास्ता छोड़ने वालों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और प्रभावित परिवारों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद की चुनौती से आगे बढ़ता छत्तीसगढ़ अब विकास, विश्वास और समृद्धि की नई पहचान बना रहा है।
प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान, युवाओं से बड़े लक्ष्य तय करने की अपील
समारोह में मुख्यमंत्री ने समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति, परिवार और समाज की प्रगति का सबसे सशक्त माध्यम है। युवा अपनी मेहनत, प्रतिभा और आधुनिक शिक्षा के बल पर किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर परिश्रम करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा अपनी उपलब्धियों से परिवार और समाज के साथ छत्तीसगढ़ का नाम भी रोशन करें।
उन्होंने प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित करने की सामाजिक परंपरा को सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों और युवाओं को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं।
कोलता समाज की संस्कृति और संस्कार प्रेरणादायक: ओपी चौधरी
वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने नुआखाई पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पुसौर, सरिया, तमनार, लैलूंगा और धरमजयगढ़ सहित रायगढ़ अंचल में कोलता समाज अपनी ईमानदारी, परिश्रम, संस्कार और सामाजिक एकजुटता के लिए जाना जाता है।
उन्होंने कहा कि समाज की नई पीढ़ी को शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और प्रतियोगी परीक्षाओं के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। युवाओं को बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए मेहनत करनी चाहिए।
वित्त मंत्री ने रायगढ़ क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने साकरा में लिफ्ट सिंचाई परियोजना, पुसौर एवं सरिया में रजिस्ट्री कार्यालय, 100 बिस्तरों के अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज और नालंदा परिसर जैसी सुविधाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बेलरिया में विधायक निधि से 25 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा भी की।
शिक्षा और संस्कार से मजबूत होगा समाज
लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि कोलता समाज सामाजिक उत्थान और सामुदायिक एकता के लिए लगातार प्रयास करता रहा है। उन्होंने समाज की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने की अपील की।
राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अभिभावकों को बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार भी देने चाहिए। उन्होंने युवाओं से माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान करने तथा समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों को साथ लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
समारोह में समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री साय ने समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और समाजजनों के साथ नुआखाई का पारंपरिक भोजन भी ग्रहण किया।
इस अवसर पर महापौर जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार, अरुणधर दीवान, गुरुपाल भल्ला, सुभाष पाण्डेय, श्रीकांत सोमावार, सत्यानंद राठिया, विकास केडिया सहित समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कोलता समाज के लोग उपस्थित रहे।