नई दिल्ली। दिल्ली के ओ-जोन (O-Zone) क्षेत्र में रहने वाले लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ किया है कि ओ-जोन इलाके में पहले से बने मकानों और पुरानी कॉलोनियों पर किसी तरह की तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं की जाएगी।
दिल्ली सचिवालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्षों से रह रहे लोगों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील तरीके से काम किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
91 अनधिकृत कॉलोनियों में रहते हैं करीब 15 लाख लोग
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि ओ-जोन क्षेत्र में लगभग 91 अनधिकृत कॉलोनियां और करीब एक दर्जन पुराने गांव मौजूद हैं, जहां करीब 15 लाख लोग निवास करते हैं। क्षेत्र में लगे कुछ नोटिस और बोर्ड के बाद लोगों में डर का माहौल बन गया था।
पुराने निर्माणों पर नहीं होगी कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया कि अदालत के आदेशों और सरकारी रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद पुराने और पहले से बने निर्माणों को हटाने का कोई निर्देश नहीं है। कार्रवाई केवल उन नए और वर्तमान में चल रहे अवैध निर्माणों पर हो सकती है, जो नियमों का उल्लंघन कर किए जा रहे हैं।
DDA से मांगा गया स्पष्टीकरण
मुख्यमंत्री ने DDA अधिकारियों से नोटिस और बोर्ड की भाषा को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी सूचनाएं स्पष्ट और तथ्यात्मक हों, ताकि लोगों में भ्रम और डर की स्थिति पैदा न हो।
पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र है O-Zone
यमुना नदी के आसपास स्थित ओ-जोन क्षेत्र लंबे समय से पर्यावरण और निर्माण विवादों को लेकर चर्चा में रहा है। सरकार का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ वहां रहने वाले लोगों की समस्याओं का व्यावहारिक समाधान निकाला जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सरकार द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।