रायपुर। जिला प्रशासन रायपुर की अभिनव पहल ‘प्रोजेक्ट दधीचि’ को अंगदान और देहदान के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मान मिला। राज्यपाल रमेन डेका ने परियोजना के सफल संचालन और समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही इस परियोजना के तहत अंगदान और देहदान करने वाले दानदाताओं का भी सम्मान किया गया।
अंगदान और देहदान का महत्व
राज्यपाल ने कहा कि अंगदान महादान है, जो किसी व्यक्ति का जीवन बचाने के साथ ही शारीरिक अंगों की कमी से जूझ रहे लोगों को नया जीवन और उम्मीद देता है। उन्होंने देहदान के महत्व पर भी प्रकाश डाला और बताया कि यह मेडिकल छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए अत्यंत उपयोगी है।
मुख्यमंत्री और कलेक्टर के मार्गदर्शन में प्रोजेक्ट
प्रोजेक्ट दधीचि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य नागरिकों को अंगदान और देहदान के लिए प्रेरित करना और दानदाताओं एवं उनके परिवारों का सम्मान कर समाज में सकारात्मक संदेश देना है।
अब तक 86 लोगों ने लिया संकल्प
जिला प्रशासन के अनुसार, अब तक 86 लोगों ने अंगदान एवं देहदान का संकल्प लिया है। इनमें 65 लोगों ने पूर्ण देहदान और 21 लोगों ने अंगदान का संकल्प लिया, जिससे मानवता की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया है।
समाज में जागरूकता बढ़ाने का माध्यम
प्रोजेक्ट दधीचि ने यह साबित किया है कि प्रशासनिक पहल, जनसहभागिता और जागरूकता के जरिए अंगदान और देहदान जैसे संवेदनशील विषयों पर सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। यह पहल न केवल जरूरतमंदों के लिए जीवनदान का माध्यम बन रही है, बल्कि चिकित्सा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।