चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। मुख्यमंत्री विजय थलापति की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने सत्तारूढ़ डीएमके (DMK) पर अपने विधायकों को तोड़ने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। वहीं डीएमके ने इन आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री विजय पर ही विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब टीवीके विधायक एन. एलैयाराजा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें पार्टी छोड़ने के लिए लगातार संपर्क किया गया और कथित तौर पर तीन अन्य टीवीके विधायकों को पार्टी छोड़ने के एवज में 15 करोड़ रुपये तक की पेशकश की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एक यूट्यूबर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें करूर के दो डीएमके पदाधिकारी भी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार दोनों डीएमके नेता पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी के करीबी बताए जा रहे हैं। मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है।
उधर डीएमके ने पलटवार करते हुए राज्यपाल को पत्र सौंपकर मुख्यमंत्री विजय थलापति के खिलाफ जांच की मांग की है। पार्टी का दावा है कि एमडीएमके प्रमुख वाइको ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि मुख्यमंत्री विजय ने दो विधायकों को अपने पक्ष में करने की कोशिश की थी।
इस पूरे घटनाक्रम पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी विजय थलापति की पार्टी पर निशाना साधते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फिलहाल हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों को लेकर तमिलनाडु की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के नतीजों के बाद ही पूरे विवाद की तस्वीर साफ हो सकेगी।