जनपद CEO का तबादला, अब जिला पंचायत CEO को हटाने की मांग; कलेक्टर ने बनाई 12 सदस्यीय जांच समिति

मोहला-मानपुर। छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर जिले में पंचायत विभाग और जिला सरपंच संघ के बीच चल रहे विवाद के बीच मोहला जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) प्रांजल प्रजापति का तबादला बस्तर कर दिया गया है। हालांकि शासन ने तबादले को विवाद से जोड़कर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन इसे हालिया घटनाक्रम के बीच अहम प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।

पिछले एक सप्ताह से जिला सरपंच संघ पंचायत विभाग और प्रशासन पर कथित कमीशनखोरी, वसूली और प्रशासनिक आतंकवाद जैसे गंभीर आरोप लगा रहा है। इसी बीच तबादला आदेश जारी होने के दिन सरपंच संघ का 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रायपुर पहुंचा, जहां मुख्यमंत्री और मंत्रियों से मुलाकात कर अपनी शिकायतें और मांगें रखीं।

विवाद को देखते हुए जिला कलेक्टर ने पूरे मामले की जांच के लिए 12 सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति में दो अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारी शामिल हैं। जांच दल को तीन अलग-अलग टीमों में बांटकर मोहला, मानपुर और अंबागढ़ चौकी जनपद पंचायतों में सरपंच संघ द्वारा लगाए गए आरोपों और मांगों की जांच का जिम्मा सौंपा गया है।

सरपंच संघ का कहना है कि निर्माण कार्यों के भुगतान में अनावश्यक देरी और कथित कमीशनखोरी के कारण पंचायतों का काम प्रभावित हो रहा है। संघ अब केवल जनपद पंचायत CEO के तबादले से संतुष्ट नहीं है और जिला पंचायत CEO के तबादले की मांग पर अड़ा हुआ है।

संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो जिले के सभी 185 सरपंच सामूहिक इस्तीफा देने पर विचार करेंगे। वहीं उन्होंने उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री विजय शर्मा से भी मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

फिलहाल प्रशासन की जांच समिति मामले की पड़ताल में जुट गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी, जबकि जिले में सरपंच संघ और प्रशासन के बीच गतिरोध अभी भी जारी है।

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