नई दिल्ली। अल-नीनो (El Nino) के संभावित प्रभाव को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों को सतर्क रहने को कहा है। प्रधानमंत्री ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों को अल-नीनो से जुड़ी चुनौतियों के लिए पहले से तैयारी करने और जल संरक्षण जैसे उपायों को मजबूत करने की सलाह दी है।
11 जून को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की बैठक में जल सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को लेकर चर्चा हुई। बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि बदलते मौसम के बीच राज्यों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा।
अल-नीनो से मानसून पर असर की आशंका
अमेरिका के क्लाइमेट प्रेडिक्शन सेंटर के अनुसार, अल-नीनो की स्थिति बनी हुई है और इसके 2026-27 की सर्दियों तक मजबूत होने की संभावना जताई गई है। इसके चलते भारत में मानसून कमजोर पड़ने, कम बारिश और सूखे जैसी स्थिति बनने की आशंका बढ़ गई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अल-नीनो के कारण समुद्र के तापमान में बदलाव आता है, जिससे मानसूनी हवाओं की दिशा और ताकत प्रभावित होती है। इसका सीधा असर खेती और जल उपलब्धता पर पड़ सकता है।
कृषि और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है असर
अल-नीनो के सक्रिय होने पर देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। इससे खरीफ फसलों की पैदावार प्रभावित होने और किसानों के सामने चुनौतियां बढ़ने की आशंका रहती है।
कम बारिश की स्थिति में जल संकट, सिंचाई की समस्या और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी दबाव बढ़ सकता है।
राज्यों से जल संरक्षण पर जोर
नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों से जल संरक्षण अभियान को और तेज करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पानी की उपलब्धता आने वाले समय की बड़ी चुनौती हो सकती है, इसलिए स्थानीय स्तर पर जल प्रबंधन को मजबूत करना जरूरी है।
पीएम मोदी ने राज्यों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के अवसरों का उपयोग करने और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मिलकर काम करने का भी आह्वान किया।
पहली बार सभी राज्यों के सीएम ने लिया हिस्सा
नीति आयोग की इस बैठक में पहली बार सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल और प्रशासक भी शामिल हुए।
बैठक का मुख्य विषय ‘विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास’ था, जिसमें देश के भविष्य की चुनौतियों और विकास रणनीति पर चर्चा हुई।