दिल्ली | राजधानी दिल्ली में महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए शुरू की गई ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ योजना को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। अब तक करीब 8 लाख महिलाएं यह स्मार्ट कार्ड बनवा चुकी हैं। दिल्ली सरकार की इस पहल का उद्देश्य DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा को पूरी तरह डिजिटल और अधिक सुविधाजनक बनाना है।
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली सरकार जुलाई 2026 से मौजूदा ‘पिंक टिकट’ व्यवस्था को समाप्त कर पूरी तरह ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ सिस्टम लागू कर सकती है। तब तक महिलाएं बसों में पिंक टिकट के जरिए मुफ्त यात्रा करती रहेंगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रिहायशी इलाकों और सरकारी कार्यालयों में विशेष कैं लगाए जा रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं इस योजना से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि यह कार्ड केवल मुफ्त यात्रा का साधन नहीं, बल्कि महिलाओं को डिजिटल पहचान और सुरक्षित सफर देने की दिशा में बड़ा कदम है।
दिल्ली सरकार के अनुसार, 12 साल से अधिक उम्र की लड़कियां और पात्र महिलाएं इस कार्ड के लिए आवेदन कर सकती हैं। राजधानी में DTC के 58 निर्धारित केंद्रों पर यह कार्ड मुफ्त में बनाया जा रहा है। इसके लिए आधार कार्ड और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर जरूरी है।
सरकार ने 2 मार्च 2026 को ‘पिंक सहेली कार्ड’ योजना की शुरुआत की थी। यह पहल केंद्र सरकार की ‘वन नेशन, वन कार्ड’ नीति के तहत लाई गई है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद केवल दिल्ली की निवासी महिलाएं ही DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ उठा सकेंगी।
सरकार का कहना है कि इस कार्ड के जरिए महिलाएं भविष्य में मेट्रो, नमो भारत ट्रेन और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का भी इस्तेमाल कर सकेंगी। हालांकि इन सेवाओं के लिए कार्ड को रिचार्ज करना होगा। अधिकारियों के मुताबिक, एकीकृत स्मार्ट कार्ड सिस्टम लागू होने से यात्रियों को अलग-अलग टिकट और कार्ड रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे सफर अधिक आसान और डिजिटल हो जाएगा।