रायपुर । रक्षाबंधन के पावन अवसर पर पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध पंडवानी एवं पंथी गायिका डॉ. उषा बारले ने पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल को राखी बांधी। इस दौरान भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का भाव नजर आया।
इस अवसर पर मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि रक्षाबंधन केवल कलाई पर राखी बांधने का पर्व नहीं है, बल्कि यह भाई-बहन के बीच अटूट स्नेह, विश्वास, सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक है। राखी का पवित्र धागा हमें रिश्तों की गरिमा बनाए रखने और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहने की प्रेरणा देता है।
डॉ. उषा बारले का स्नेह मेरे लिए विशेष सम्मान
मंत्री श्री अग्रवाल ने डॉ. उषा बारले द्वारा राखी बांधे जाने को आत्मीय क्षण बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और लोक परंपराओं को अपनी प्रतिभा के माध्यम से देश-दुनिया में पहचान दिलाने वाली डॉ. उषा बारले का स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए विशेष सम्मान की बात है।
उन्होंने कहा कि यह राखी उनके लिए केवल पर्व की रस्म नहीं, बल्कि स्नेह, सम्मान और विश्वास की खूबसूरत डोर है।
छत्तीसगढ़ की संस्कृति में रिश्तों का विशेष महत्व
मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत में भाई-बहन के प्रेम तथा पारिवारिक रिश्तों को विशेष स्थान प्राप्त है। यहां के पर्व और त्योहार समाज को जोड़ने के साथ आपसी सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश देते हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, लोककला और परंपराओं से है। सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने और देश-दुनिया के सामने प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
प्रदेशवासियों को दी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं
पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की माताओं, बहनों और भाइयों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में प्रेम, सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए तथा भाई-बहन का स्नेह हमेशा बना रहे।
उन्होंने प्रदेशवासियों से रिश्तों को मजबूत करने, परिवार और समाज में प्रेम-सद्भाव बढ़ाने तथा छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने की अपील की।