CM साय ने शुरू की ‘अंतरिक्ष संगवारी’ पहल, जशपुर के 10 हजार छात्रों की होगी स्क्रीनिंग; चयनित बच्चों को मिलेगा खास प्रशिक्षण

रायपुर । छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान और आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘अंतरिक्ष संगवारी’ अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण पहल का शुभारंभ किया। कैम्प कार्यालय बगिया में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने इस अभिनव पहल की शुरुआत की। कार्यक्रम का उद्देश्य कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना और उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।

जिला प्रशासन जशपुर और संबंधित संस्था के संयुक्त तत्वावधान में शुरू की गई इस पहल के तहत जिले के सभी आठ विकासखंडों के करीब 10 हजार विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। परीक्षा, मूल्यांकन और साक्षात्कार के विभिन्न चरणों के बाद अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि और प्रतिभा रखने वाले विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा।

विद्यार्थियों को मिलेगा विशेष अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण

‘अंतरिक्ष संगवारी’ पहल के तहत चयनित विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान, अंतरिक्ष यात्रा और अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण से जुड़ी विशेष गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों को अंतरिक्ष विज्ञान की जानकारी केवल किताबों तक सीमित न रखकर व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ना है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जशपुर के बच्चों में प्रतिभा और सीखने की अपार क्षमता है। उन्हें सही मार्गदर्शन, अवसर और आधुनिक वैज्ञानिक संसाधन उपलब्ध कराकर विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ेगी और उन्हें भविष्य में विज्ञान, अनुसंधान तथा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में करियर बनाने की प्रेरणा मिलेगी।

अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला से मिलने का अवसर

यह पहल भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन एवं अंतरिक्ष यात्री श्री शुभांशु शुक्ला के समर्थन से संचालित की जा रही है। चयनित विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रशिक्षण के बाद बेंगलुरु भ्रमण प्रस्तावित है। इस दौरान उन्हें अंतरिक्ष और विज्ञान से जुड़े संस्थानों तथा गतिविधियों को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।

विद्यार्थियों को अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला से संवाद करने और उनके अनुभव जानने का अवसर भी मिलेगा। इससे बच्चों को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में संभावित करियर और चुनौतियों को समझने में मदद मिलेगी।

15 सितंबर तक पंजीयन, 26 सितंबर को परीक्षा

कार्यक्रम की घोषणा 27 अगस्त को की गई है। विद्यार्थियों के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। इसके बाद 26 सितंबर को परीक्षा होगी। 27 से 29 सितंबर के बीच मूल्यांकन और साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

चयनित विद्यार्थियों के लिए 1 से 7 अक्टूबर तक रायपुर में विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 15 अक्टूबर से बेंगलुरु यात्रा प्रस्तावित है। कार्यक्रम का समापन 26 अक्टूबर 2026 को पुरस्कार समारोह के साथ होगा।

दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को मिलेंगे नए अवसर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि दूरस्थ और जनजातीय अंचलों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें। ‘अंतरिक्ष संगवारी’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और भविष्य में देश के विज्ञान एवं अंतरिक्ष अभियानों में योगदान देने के लिए आगे बढ़ने का आह्वान किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार सहित स्व-सहायता समूहों की महिलाएं और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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