कोलकाता/नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा सियासी घमासान देखने को मिल रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं पर कथित हमलों के विरोध में सड़क पर उतरने का ऐलान किया है। उन्होंने कोलकाता से दिल्ली तक धरना देने की बात कही है।
टीएमसी नेताओं का आरोप है कि पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं और प्रशासन निष्क्रिय है। इस बीच ममता बनर्जी ने दावा किया कि उनके कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या में गिरफ्तारी हुई है और पार्टी कार्यालयों को नुकसान पहुंचाया गया है।
धरना प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है। ममता बनर्जी ने कहा कि यदि कोलकाता में अनुमति नहीं मिली तो वह दिल्ली जाकर विरोध करेंगी और जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी भी देंगी।
इस पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा पलटवार किया है। बीजेपी नेता दिलीप घोष ने कहा कि टीएमसी के अंदरूनी विवादों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए यह प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ममता बनर्जी “दिल्ली, अंटार्कटिका या रेगिस्तान कहीं भी जाकर प्रदर्शन करें।”
इधर, टीएमसी में अंदरूनी कलह की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। हाल ही में हुई एक अहम बैठक में अधिकांश विधायक अनुपस्थित रहे, जिसके बाद पार्टी के भीतर टूट की अटकलें और मजबूत हो गई हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में आने वाले दिनों में सियासी टकराव और तेज हो सकता है, जबकि टीएमसी और बीजेपी के बीच बयानबाजी भी बढ़ती दिख रही है।