बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार की महत्वाकांक्षी ‘गृहलक्ष्मी’ योजना में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। एक तकनीकी ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि योजना के तहत करीब 1.48 लाख मृत महिलाओं के खातों में लगभग ₹128 करोड़ की राशि ट्रांसफर हो गई।
रिपोर्ट के अनुसार, कई मामलों में मृत लाभार्थियों के खातों से उनके परिजनों द्वारा एटीएम और यूपीआई के जरिए पैसे निकाले भी गए। इस खुलासे के बाद राज्य प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
जांच में यह भी सामने आया कि कई बैंक खातों से जुड़े मोबाइल नंबर योजना के रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे थे, जिसके कारण सिस्टम में गंभीर खामियां पैदा हुईं। एक ही खाते से अलग-अलग मोबाइल नंबर जुड़े होने से लाभ वितरण प्रक्रिया प्रभावित हुई और वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक सहायता राशि नहीं पहुंच सकी।
मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने महिला एवं बाल कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई है। सरकार अब योजना की मौजूदा लाभार्थी सूची को अस्थायी रूप से रोकने और नए सिरे से आवेदन प्रक्रिया शुरू करने पर विचार कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियों को रोकने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन और जीवन प्रमाण पत्र को अनिवार्य किए जाने की तैयारी है।