वॉशिंगटन/बीजिंग | अमेरिका की मध्यस्थता में वॉशिंगटन में दो दिनों तक चली उच्च स्तरीय बातचीत के बाद इज़राइल और लेबनान ने अपने संघर्ष-विराम (सीज़फायर) को अगले 45 दिनों के लिए बढ़ाने पर सहमति जताई है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि 2-3 जून को इस पर नई बैठक होगी।
पिगॉट ने बताया कि यह सीज़फायर दोनों देशों के बीच स्थायी शांति, एक-दूसरे की संप्रभुता की मान्यता और साझा सीमा पर वास्तविक सुरक्षा स्थापित करने में मदद करेगा।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच यह कदम सीमा पर हिंसा को रोकने और स्थायी शांति की दिशा में अहम माना जा रहा है। इस दौरान लेबनान की आधिकारिक सरकार ने हिज़बुल्लाह के विरोध के बावजूद शांति वार्ता में भाग लिया। इज़राइल ने कहा कि दीर्घकालिक शांति समझौते के लिए हिज़बुल्लाह का निशस्त्रीकरण आवश्यक है।
अमेरिका में इज़राइल के राजदूत येहिएल लीटर ने इस बातचीत को “स्पष्ट और सकारात्मक” बताया और कहा कि उतार-चढ़ाव के बावजूद शांति वार्ता सफल होने की संभावनाएं उच्च हैं, बशर्ते इज़राइली नागरिकों और सैनिकों की सुरक्षा बनी रहे।
ईरान ने भी कहा है कि लेबनान में इज़राइली सैन्य अभियान का समाप्त होना क्षेत्रीय संघर्ष को खत्म करने की उसकी मुख्य शर्तों में से एक है।