नई दिल्ली। भारतीय छात्रों ने इंटरनेशनल मैथमेटिकल ओलंपियाड (IMO) 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाया है। दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित गणित प्रतियोगिताओं में से एक इस प्रतियोगिता में भारतीय टीम ने 2 स्वर्ण और 4 रजत पदक अपने नाम किए हैं।
67वां इंटरनेशनल मैथमेटिकल ओलंपियाड इस वर्ष चीन के शंघाई में आयोजित किया गया, जिसमें 117 देशों के 666 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। यह प्रतियोगिता अब तक के सबसे बड़े और सबसे प्रतिस्पर्धी संस्करणों में से एक रही।
इन छात्रों ने जीते पदक
भारत के लिए दिल्ली के आरव गुप्ता और कर्नाटक के एबेल जॉर्ज मैथ्यू ने स्वर्ण पदक हासिल किए।
वहीं, कर्नाटक के बैरव मुरुगन, दिल्ली के कनव तलवार, केरल की संजना फिलो चाको और महाराष्ट्र की श्रेया शांतनु मुंधड़ा ने रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।
आरव गुप्ता, एबेल जॉर्ज मैथ्यू और कनव तलवार ने लगातार दूसरे वर्ष अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने का कारनामा किया है। तीनों ने IMO 2025 में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किए थे।
भारत सातवें स्थान पर पहुंचने की उम्मीद
होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन (HBCSE-TIFR), मुंबई के अधिकारियों के अनुसार, इस प्रदर्शन के आधार पर भारत की वैश्विक रैंकिंग सातवें स्थान तक पहुंचने की संभावना है।
भारतीय टीम को HBCSE के मैनाक घोष और मैथेलॉट्स प्राइवेट लिमिटेड के अनंत मुद्गल ने प्रशिक्षित किया। टीम के साथ चेन्नई मैथमेटिकल इंस्टीट्यूट के सिद्धार्थ चोप्पारा और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के आदित्य मंगुडी भी मार्गदर्शक के रूप में जुड़े रहे।
लगातार चौथे साल टॉप-10 में भारत
भारत ने लगातार चौथे वर्ष इंटरनेशनल मैथमेटिकल ओलंपियाड में दुनिया के शीर्ष 10 देशों में अपनी जगह बनाए रखी है।
- 2026: 2 स्वर्ण, 4 रजत (संभावित 7वीं रैंक)
- 2024: 4 स्वर्ण, 2 रजत (4वीं रैंक)
- 2023: 2 स्वर्ण, 4 रजत (9वीं रैंक)
गौरतलब है कि इस वर्ष भारतीय छात्रों ने गणित के अलावा फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी ओलंपियाड में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। यह उपलब्धियां वैश्विक स्तर पर भारतीय विद्यार्थियों की बढ़ती शैक्षणिक क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक प्रदर्शन को दर्शाती हैं।