किरंदुल l एनएमडीसी सीएसआर के सौजन्य से दंतेवाड़ा जिले केसी आदिवासी युवाओं को रोजगारोन्मुखी तकनीकी शिक्षा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। एनटीटीएफ, बेंगलुरु के सहयोग से जिले के 10 आदिवासी युवाओं को ‘डिप्लोमा इन टूल इंजीनियरिंग एवं डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग’ के तीन वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए बेंगलुरु भेजा गया।
एनएमडीसी का उद्देश्य आदिवासी अंचल के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा, आधुनिक औद्योगिक कौशल एवं उज्ज्वल रोजगार के अवसरों से जोड़ना है। इस पहल के तहत युवाओं को आत्मनिर्भर, कुशल एवं भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षम बनाया जाएगा।

कार्यक्रम में परियोजना प्रमुख रविन्द्र नारायण (अधिशासी निदेशक ), एस. चटर्जी, महाप्रबंधक (मानव संसाधन,), वर्क्स विभाग के मुख्य महाप्रबंधक किशन आहुजा, तनवीर जावेद उप – महाप्रबंधक (मानव संसाधन) , एम तिरुपति राव, उपमहाप्रबंधक (मानव संसाधन), परियोजना अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम. लाल, मुख्य महाप्रबंधक उत्पादन एस.के. कोचर, महाप्रबंधक अनुबंध वी .मधुसूदना, सिविल विभागाध्यक्ष एल प्रधान एवं सीएसआर विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक विवेक कुमार रक्षा, प्रबंधक (सिविल) सी एस आर सुखराम गावड़े सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
एनएमडीसी अधिकारियों ने बताया कि यह पहल न केवल युवाओं के कौशल विकास का माध्यम है, बल्कि दंतेवाड़ा जिले के आदिवासी युवाओं को आत्मनिर्भरता, सम्मानजनक रोजगार और उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करने वाली एनएमडीसी की सामाजिक प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण भी है।