रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल और सतत निगरानी के चलते छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन 2026 के लिए रासायनिक खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। राज्य सरकार के अनुसार 30 जून की स्थिति में प्रदेश में 13.16 लाख मीट्रिक टन से अधिक उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है।
सरकारी जानकारी के अनुसार, इस वर्ष जुलाई माह में छत्तीसगढ़ को 46,500 टन डीएपी की अतिरिक्त आपूर्ति प्राप्त हुई है, जिससे किसानों को डीएपी की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ा भंडारण
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में इस वर्ष 1.08 लाख मीट्रिक टन अधिक खाद का भंडारण किया गया है। वर्ष 2025 में जहां 12.25 लाख मीट्रिक टन भंडारण था, वहीं इस वर्ष यह बढ़कर 13.16 लाख मीट्रिक टन हो गया है।
अब तक 7.28 लाख मीट्रिक टन का वितरण
प्रदेश में अब तक लगभग 7.28 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। वहीं वर्तमान में 5.88 लाख मीट्रिक टन से अधिक खाद का शेष भंडार उपलब्ध है, जो आगामी मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त बताया गया है।
सरकार की दूरदर्शी योजना का परिणाम
केंद्र सरकार द्वारा खरीफ 2026 के लिए छत्तीसगढ़ को 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके मुकाबले अब तक बड़ी मात्रा में भंडारण सुनिश्चित किया जा चुका है। इसमें यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी जैसे प्रमुख उर्वरक शामिल हैं।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह स्थिति राज्य सरकार की मजबूत आपूर्ति व्यवस्था और अग्रिम योजना का परिणाम है, जिससे खेती के मौसम में किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
मुख्यमंत्री का निर्देश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी किसान को खाद की कमी का सामना न करना पड़े। राज्य सरकार भंडारण, परिवहन और वितरण की लगातार निगरानी कर रही है, ताकि समय पर किसानों तक आवश्यक उर्वरक पहुंच सके।
सरकार का दावा है कि यह व्यवस्था कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।